सागर I मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ममता तिमोरी ने बताया कि वर्षा ऋतु में उल्टी-दस्त रोग होने की संभावना अधिक होती हैं क्योकि दूषित पानी पीने एवं दूषित खान पान से उल्टी-दस्त रोग शीघ्रता से फैलने से महामारी का रूप धारण कर सकता हैं। यह रोग इसलिए भी गंभीर है, क्योंकि शरीर से पानी निकल जाने से मृत्यु भी हो सकती हैं उल्टी-दस्त रोग एवं अन्य बीमारी महामारी हो सकती हैं।
उल्टी-दस्त रोग की रोकथाम हेतु प्रायः शुद्ध पेयजल एवं शुद्ध भोजन का उपयोग करें। सड़े-गले फल एवं खाद्य पदार्थों का उपयोग न करें, खाना खाने से पहले एवं शौच के बाद साबुन से अवश्य हाथ धोयें, खुले में शौच न करें शौचालय का उपयोग करें, घर के आस-पास साफ-सफाई रखें खाने पीने की वस्तुओं को ढंककर रखें, हरी सब्जी एवं फलों को पानी से धोकर उपयोग करेंI उल्टी-दस्त होने पर तुरन्त चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें ।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ममता तिमोरी ने शासकीय, निजी अस्पताल एवं पंजीकृत प्राईवेट प्रेक्टिसनर जो अपने क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवायें दे रहें हैं, को निर्देश दिए कि उल्टी-दस्त से पीडित मरीजों का प्राथमिकता से उपचार प्रदान करें। समस्त प्रबंधक निजी अस्पताल एवं पंजीकृत प्राईवेट प्रेक्टिसनर उल्टी-दस्त के मरीजों की जानकारी संधारण कर प्रतिदिन की जानकारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के कार्यालय में प्राथमिकता से प्रेषित करने के निर्देश दियें ।
