सागर/मुकेश हरयानी
सागर। हिंदी अध्ययन शाला, विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन से रिसर्च स्कॉलर जय हिंद सिंह वर्मा को “अशोक मिज़ाज की ग़ज़लें संवेदना और शिल्प” विषय पर पीएच डी अवार्ड की गई है। टीकमगढ़ निवासी रिसर्च स्कॉलर जयहिंद सिंह वर्मा ने डॉक्टर प्रेमलता चुटैल के मार्गदर्शन में विक्रम विश्व विद्यालय से 300 पेज का शोध ग्रंथ तैयार किया है जिस पर उन्हें ये डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की गई है।इसके अलावा भी 4 और विश्वविद्यालयों में अशोक मिज़ाज की ग़ज़लों पर शोधकार्य जारी है जिसमें जम्मू कश्मीर सेंट्रल यूनिवर्सिटी, में शोधार्थी आरती देवी, औरंगाबाद यूनिवर्सिटी में शोधार्थी वागी नाथ वाखले, और पटना विश्वविद्यालय विहार में शोधार्थी दिलीप कुमार और उर्दू में मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी, हैदराबाद में इम्तियाज़ मिस्बाही शोध कार्य कर रहे हैं।
हिंदी और उर्दू ग़ज़ल पर समान रूप से प्रतिष्ठित सागर के वरिष्ठ शायर अशोक मिज़ाज को हिंदी और उर्दू ग़ज़ल के लिए कई बड़े पुरुस्कार मिल चुके हैं जिनमें प्रमुख रूप से मध्य प्रदेश उर्दू अकादमी का ताज भोपाली पुरुस्कार, बिजनौर उत्तर प्रदेश से निश्तर खानकाही ग़ज़ल अवार्ड,दुष्यंत पुरुस्कार, बिहार,संकल्प साहित्य शिरोमणि पृरुस्कार,राउरकेला उड़ीसा,साहित्य सृजन सम्मान,नागपुर महाराष्ट्र,नई ग़ज़ल सम्मान, शिवपुरी ,स्वर्ण पत्रक पुरुस्कार,खगड़िया, विहार एवं स्थानीय दाजी सम्मान, ज्वाला प्रसाद ज्योतिषी सम्मान सहित अन्य कई परुस्कार एवं सम्मान शामिल हैं।उनकी अब तक उर्दू में चार और हिंदी में आठ ग़ज़ल संग्रह वाणी प्रकाशन दिल्ली और भारतीय ज्ञानपीठ दिल्ली जैसे प्रकाशनों से आ चुके हैं। देश भर के पत्र पत्रिकाओं और अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय मुशायरों और कवि सम्मेलनों में उनकी अनवरत उपस्थित उन्हें सक्रिय और जीवंत बनाये रखती है।वर्तमान में वो स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से मैनेजर के पद से सेवा निवृत्त होकर सागर में ही स्वतंत्र लेखन कर रहे हैं।
