जीवन जीने की कला सिखाती है रामायण: संत चिन्मयानंद बापू
शेयर करें

ज्योति शर्मा,सागर। खेल परिसर के बगल वाले मैदान में श्री राम कथा का रविवार को भव्य शुभारंभ हुआ। जिसमें कथा के प्रथम दिन में संत चिन्मयानंद बापू ने कहा कि रामचरितमानस हमें जीवन जीने की कला सिखाती है और भगवान राम के आदर्श हमें मनुष्य जीवन कैसे जीना है वह सीखाते है। बापू ने कहा कि आज घरों में रामचरितमानस एक कपड़े में बंद हो गई है आज के समय में प्रत्येक व्यक्ति को प्रत्येक दिन रामचरितमानस का पाठ करना चाहिए और भगवान के चरित्र से जीवन के हर रिश्ते हमें कैसे निभाना है उसकी शिक्षा ले। बापू ने कहा कि हम ग्रंथों से दूर हो गए हैं इसलिए आज के समय में हम तनाव में हैं और मानसिक रोगी बनते जा रहे हैं इसलिए जीवन की हर पल पर हमें ग्रंथों से मार्गदर्शन लेना चाहिए । रामचरितमानस का शुभारंभ संत बापू ने गुरु वंदना से की । प्रथम दिन ही देखने को मिला कि इतना विशाल पंडाल श्रोताओं ने छोटा कर दिया ।
कथा 21 दिसंबर तक नित्य दोपहर 2ः00 बजे से लेकर 5ः30 बजे तक चलेगी। प्रथम दिवस में दीप प्रकट के लिए सागर शहर की लोकप्रिय विधायक शैलेंद्र जैन और निगम अध्यक्ष वृंदावन अहिरवार, शैलेश केशरवानी उपस्थित रहे साथ में मुख्य यजमान प्रतिभा तिवारी डाॅ. अनिल तिवारी, शाखा अध्यक्ष पंडित शिव शंकर मिश्रा, सह यजमान अशोक उपाध्याय, सीताराम मिश्रा शकुन मिश्रा, मुन्ना पटेरिया, कमल तिवारी साधना तिवारी, रामजी दुबे, अजय श्रीवास्तव रश्मि श्रीवास्तव , गोलू रिछारिया, राम अवतार पांडे, डॉ तरुण बड़ोनिया, अनिल दुबे, मनोज डोंगरें, मुकेश नायक ,पप्पू तिवारी, आशीष गोस्वामी, अनुश्री जैन, मेघा दुबे, प्रतिभा चैबे आदि उपस्थित रहे। सभी ने व्यास पीठ से बापू जी का आशीर्वाद लिया ।


शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!