ज्योति शर्मा/सागर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में विद्यार्थियों और किसानों के हित में लिए गए बड़े फैसलों का पूर्व गृहमंत्री, वरिष्ठ विधायक भूपेन्द्र सिंह ने स्वागत किया है। उन्होंने पीएम विद्यालक्ष्मी योजना को गरीब मध्यम वर्गों के मेधावी छात्रों के लिए वरदान बताया है।
उल्लेखनीय है कि आज केंद्रीय कैबिनेट में पीएम विद्यालक्ष्मी योजना के रूप में महत्वपूर्ण योजना की स्वीकृति दी गई है। पूर्व मंत्री सिंह ने कहा कि पीएम विद्यालक्ष्मी योजना के चलते अब कोई भी मेधावी छात्र आर्थिक तंगी के कारण उच्च शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा। इस योजना के तहत, बहुत ही सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक तरीके से अच्छी ब्याज सब्सिडी के साथ 10 लाख रुपये तक का कोलैटरल फ्री और गारंटर फ्री लोन दिया जाएगा। पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि यह योजना 8 लाख रुपये से कम पारिवारिक आय वाले मध्यम व निम्न आय वर्ग के लिए गुणवत्ता पूर्ण उच्च शिक्षा के रास्ते खोलने वाली है। इस योजना के अनुसार, गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा संस्थानों (क्यूएचईआई) में दाखिला लेने वाला कोई भी विद्यार्थी पाठ्यक्रम से संबंधित ट्यूशन फीस और अन्य खर्चों की पूरी राशि को कवर करने के लिए बैंकों और वित्तीय संस्थानों से बिना किसी जमानत या गारंटर के ऋण प्राप्त करने के लिए पात्र होगा। इससे कोई भी मेधावी छात्र आर्थिक तंगी के कारण शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा।
पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को 10700 करोड़ रुपये की नई इक्विटी पूंजी डाल कर आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का भी निर्णय लिया है। खाद्य पदार्थों की खरीद में प्रमुख भूमिका निभाने में यह निर्णय महत्वपूर्ण है। पूर्व मंत्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की सरकार ने पूर्व की कांग्रेस की मनमोहन सिंह सरकार की तुलना में किसानों को खाद्य सब्सिडी पर अभी तक 21.56 लाख रुपए सब्सिडी दी है जो कि चार गुना अधिक है। पूर्व मंत्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की सरकार सच्चे मायनों में किसानों व गरीब मध्यम वर्गों की सबसे बड़ी हितैषी सरकार सिद्ध हुई है।
