1 जुलाई 2023 से देय 46 प्रतिशत मंहगाई राहत को 1 मार्च 2024 से स्वीकृत करने पर पेंशनर्स ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को पोस्ट कार्ड भेजकर असंतोष व्याप्त किया
सागर/ प्रमुख पेन्शनर्स एसोसिएशन जिला शाखा सागर की मासिक बैठक 02 अप्रैल मंगलवार को अपरान्ह 4 बजे श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर पुरानी कलेक्ट्रेट परिसर सागर में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता हरिओम पाण्डेय प्रांतीय महामंत्री एवं अध्यक्ष जिला शाखा सागर ने की, ब्रजबिहारी उपाध्याय संभागीय अध्यक्ष ने सभा का संचालन एवं अरबिंद चौबे सचिव जिला शाखा सागर ने आभार व्यक्त किया।
बैठक में उपस्थित 123 से अधिक पेंन्शनर्स ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा मध्यप्रदेश सहित छत्तीसगढ़ के पेन्शनर्स को 1 जुलाई 2023 से देय 46 प्रतिशत मंहगाई राहत को खण्डित तिथि 1 मार्च 2024 से स्वीकृत करने पर तीव्र असंतोष एवं आक्रोश व्याप्त करते हुए माननीय विष्णु देव जी सहाय मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन को पोस्ट कार्ड लिखकर केन्द्रीय तिथि 1 जुलाई 2023 से ही मध्यप्रदेश के पेन्शनर्स/परिवार पेन्शनर्स को 46 प्रतिशत मंहगाई राहत देने की मांग की। इसके साथ ही पेन्शनर्स ने मध्यप्रदेश शासन से 30 जून एवं 1 जनवरी को सेवानिवृत्त सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों/पेन्शनर्स को काल्पनिक वेतन वृद्धि का लाभ माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय के निर्णय अनुसार प्रदान करने तथा पेन्शनर्स के 79 वर्ष पूर्ण होने एवं 80 वर्ष की आयु प्रारंभ होने पर ही 20 प्रतिशत की अतिरिक्त वेतन वृद्धि का लाभ देने की मांग की।
बैठक का संचालन करते हुए ब्रजबिहारी उपाध्याय संभागीय अध्यक्ष ने बताया कि मध्यप्रदेश पुर्नगठन अधिनियम 2000 की धारा 49 (6) के अंतर्गत मध्यप्रदेश शासन ने राज्य पेन्शनर्स की मंहगाई राहत में 1 जुलाई 2023 से 4 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए 46 प्रतिशत करने के लिए छत्तीसगढ शासन की सहमति हेतु पत्र लिखा था। परंतु छत्तीसगढ शासन ने खण्डित तिथि 1 मार्च 2024 से स्वीकृति प्रदान कर प्रदेश के पेन्शनर्स को 8 माह की मंहगाई राहत से वंचित किया गया। इससे मध्यप्रदेश के पेन्शनर्स में तीव्र असंतोष एवं आक्रोश व्याप्त है क्योंकि मध्यप्रदेश के शासकीय कर्मचारियों/अधिकारियों को एक जुलाई 2023 से ही 46 प्रतिशत मंहगाई भत्ता दिया है। इससे शासकीय कर्मचारियों एवं पेंन्शनर्स में भेदभाव हो गया है। अतः प्रदेश के पेन्शनर्स छत्तीसगढ के मुख्यमंत्री को हस्तलिखित पोस्ट कार्ड भेजकर यह मांग कर रहे है।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे हरिओम पाण्डेय ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि राज्य शासन ने 30 जून एवं 31 दिसम्बर को सेवानिवृत्त कर्मचारियों/पेंन्शनर्स को एक काल्पनिक वेतन वृद्धि का लाभ प्राप्त करने के लिए न्यायालय जाना अनिवार्य कर अनावश्यक ही 8-10 हजार रूपये का आर्थिक भार पेन्शनर्स पर थोपकर उनसे अन्याय किया जा रहा है। साथ ही स्पष्ट शासनादेश के बाद भी पेन्शनर्स को बैंक द्वारा 79 वर्ष पूर्ण होने पर तथा 80 वर्ष प्रारंभ होते ही अतिरिक्त पेंशन प्रदान नहीं करते हुए एक वर्ष बाद 81 वर्ष पूर्ण होने पर अतिरिक्त पेंशन देकर एक वर्ष का आर्थिक नुकसान बैंकों द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया (आचार संहिता) समाप्ति के उपरांत एसोसिएशन इन मांगों को लेकर क्रमबद्धता से आंदोलन की रूपरेखा तय करेगा।

बैठक में ब्रजबिहारी उपाध्याय संभागीय अध्यक्ष, हरिओम पाण्डेय प्रांतीय महामंत्री एवं अध्यक्ष जिला शाखा सागर, सुदामा प्रसाद रैकवार जिला प्रवक्ता, एस.के. कुरैशी, एन.आर. श्रीवात्री, श्यामकांत तिवारी, राजेश दुबे, राजेश केशरी, बी.डी. साहू, एन.आर. श्रीवास्तव, ब्रजभूषण तिवारी ने भी अपने विचार व्यक्त किए तथा बैठक के उपरांत 123 से अधिक पेन्शनर्स ने हस्तलिखित पोस्ट कार्ड लहराते हुए गगन भेदी नारे लगाकर आक्रोश व्यक्त किया।
