विशेष अभियान चलाकर ई-केवायसी पूर्ण करायें,ई-केवाईसी न कराने पर खाद्यान्न वितरण में हो सकती है बाधा- कलेक्टर
सागर । मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना एवं राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत समस्त पात्र हितग्राहियों की ई-केवाईसी अनिवार्य की गई है। इसी क्रम में कलेक्टर संदीप जी आर ने जिले के सभी पात्र हितग्राहियों की ई-केवाईसी शीघ्र कराने के निर्देश जारी किए हैं।
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विशेष अभियान चलाकर 3 मार्च 2025 तक सभी पात्र हितग्राहियों की ई-केवाईसी पूर्ण कराई जाए। इसके तहत उचित मूल्य दुकान विक्रेता पात्र हितग्राहियों के घर जाकर भी ई-केवाईसी सुनिश्चित करेंगे। मध्यप्रदेश शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा प्रदेश के समस्त पात्र हितग्राहियों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य किए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं।
म.प्र.शासन खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता सरंक्षण विभाग द्वारा समस्त पात्र हितग्राहियों के ई-केवायसी करने के निर्देश प्राप्त हुये है। जिसमें प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना अंतर्गत पात्र परिवारों को निःशुल्क खाद्यान्न वितरण किया जा रहा है। उच्चतम न्यायालय नई दिल्ली के आदेश के परिपालन में समस्त हितग्राहियों के ई-केवायसी करने की अनिवार्यता है। उचित मूल्य दुकानों पर लगाई गई पीओएस पर पात्र हितग्राहियों के ई-केवायसी करने की सुविधा उपलब्ध है। ई-केवायसी करने से शेष बचे पात्र हितग्राहियों के ई-केवायसी 3 मार्च 2025 तक विशेष अभियान चलाकर (उचित मूल्य दुकान के विक्रेता द्वारा हितग्राहियों के घर जाकर) कराया जाना है।
योजना अंतर्गत जुडे हुये खाद्य, सहकारिता, बैग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि उचित मूल्य दुकान विक्रेताओं को निर्देशित कर खाद्यान्न सामग्री वितरण के दौरान पीओएस मशीन में ई-केवायसी हेतु छूटे हुये सभी पात्र हितग्राहियों की ई-केवायसी शासन द्वारा निर्धारित तय समय सीमा में विशेष अभियान चलाकर ई-केवायसी पूर्ण करायें साथ ही एनएफएसए योजना अन्तर्गत सम्मिलित हितग्राहियों से अपील की जाती है कि यदि अभी तक उचित मूल्य दुकान में पहुंचकर पीओएस मशीन में बॉयोमेट्रिक सत्यापन के आधार पर ई-केवायसी नही कराई गई है तो कृपया आधार कार्ड के साथ उक्त अवधि में उचित मूल्य दुकान में पहुंचकर पीओएस मशीन में बॉयोमेट्रिक सत्यापन कर ई-केवायसी कराना सुनिश्चित करायें। जिससे कि निकट भविष्य में ई-केवायसी के अभाव में खाद्यान्न की पात्रता से वंचित ना रहना पड़ें।