सागरI कृषि उत्पादन आयुक्त एस एन मिश्रा ने कृषि उपज मंडियों को हाईटेक, कैशलेस व सर्वसुविधायुक्त बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा इसके लिये शासन से आर्थिक मदद दिलाई जायेगी। साथ ही कहा कि हाईटेक से आशय यह है कि मण्डी में किसान की उपज की तुरंत खरीदी हो जाए, उनके बैठने के लिये बेहतर व्यवस्था हो, कैशलेस भुगतान की सुविधा हो और कृषि उपज की ऑटो पैकेजिंग व्यवस्था हो। उन्होने सभी जिला कलेक्टर को सहकारी बैंकों की वसूली कराकर बैंकों को मजबूत करने के निर्देश भी बैठक में दिए। उन्होंने किसान क्रेडिटधारी किसानों के साथ-साथ गैर ऋणी किसानों की फसल का बीमा कराने के लिये भी कहा।
अतिरिक्त मुख्य सचिव कृषि अशोक वर्णवाल ने कहा कृषि यंत्रों का उपयोग किसानों के लिये हर तरह से लाभप्रद है। उन्होंने कृषि यंत्र एवं उपकरणों का प्रजेंटेशन दिखाया और निर्देश दिए कि अनुदान के आधार पर हर जिले में किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराएँ। उन्होंने सागर संभाग में अरहर की वैरायटी अपनाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। अरहर की पूषा वैरायटी 6 महीने में तैयार हो जाती है और इस फसल के बाद किसान दूसरी फसल भी ले सकते हैं।
उन्होने प्रमाणित बीज व उर्वरकों के संतुलित उपयोग व मिट्टी परीक्षण के लिये किसानों को प्रोत्साहित करने पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने कहा मिट्टी परीक्षण के लिये स्थानीय कृषि स्नातक युवाओं के जरिए चलित लैब स्थापित कराई जा सकती हैं। इससे किसानों की ओर से मिट्टी परीक्षण की मांग बढ़ेगी और किसानों व कृषि स्नातक दोनों को फायदा होगा।
कृषि आधारित अर्थव्यवस्था बगैर पशुपालन के मजबूत नहीं रह सकती
कृषि उत्पादन आयुक्त एस. एन. मिश्रा ने बैठक के द्वितीय चरण में पशुपालन, मत्स्य पालन एवं डेयरी उत्पादन सहित कृषि से जुड़ी गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कृषि आधारित अर्थव्यवस्था बगैर पशुपालन के मजबूत नहीं रह सकती। इसलिए किसानों को उन्नत नस्ल के पशुपालन के लिये प्रोत्साहित करें।उन्होंने कहा कि पशु नस्ल सुधार पर विशेष बल दिया। साथ ही बरसात से पहले सभी जिलों में मौसमी बीमारियों से बचाव के लिये अभियान बतौर टीकाकरण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर जिले में गौ-शालाओं को प्रमुखता दें। अधूरी गौशालायें जल्द से जल्द पूरी कराई जाएँ। उन्होंने किसानों के दुग्ध व्यवसाय को संस्थागत रूप देने पर जोर देते हुए कहा कि उन्हें दुग्ध समितियों से जोड़ें। बैठक में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने और दुग्ध संघ को मजबूत करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।उन्होंने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए की बैंक अधिक से अधिक शासन की योजनाओं का लाभ हितग्राहियों को देकर उनको लाभान्वित करें। उन्होंने समस्त किसान भाईयों से अपील की कि अधिक मात्रा में उर्वरक का छिड़काव न करें। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक एवं बीज का भंडारण सुनिश्चित किया जावे।
द्वितीय चरण की बैठक में प्रमुख सचिव मत्स्य पालन डॉ. नवनीत कोठारी सहित पशुपालन, डेयरी व मत्स्य पालन विभाग के राज्य स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
संभाग आयुक्त डॉ. वीरेन्द्र सिंह रावत ने कहा किसानों को जागरूक करने में सोशल मीडिया का उपयोग करें
संभाग के आयुक्त डॉ. वीरेन्द्र सिंह रावत ने प्रगतिशील कृषकों द्वारा की जा रही उन्नत खेती की वीडियो क्लीपिंग बनाकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से अन्य किसानों को जागरूक करने का सुझाव दिया। साथ ही कहा कि किसानों को स्व-सहायता समूहों में संगठित करें, जिससे वे अधिक लाभ कमा सकें। उन्होंने समय के अनुसार खेती में बदलाव लाने पर भी बल दिया।
सभी जिलों के कलेक्टर ने बताईं अपने-अपने जिले की कार्ययोजना खेती को लाभप्रद बनाने के लिये संभाग के सभी जिलों में बनाई गई कार्ययोजना के बारे में सभी कलेक्टरों ने अपने-अपने सुझाव दिए। जिले में नैनो यूरिया अपनाने के लिये किसानों को प्रेरित किया जा रहा है। जिले में ज्वार, मक्का व उड़द तथा उद्यानिकी फसलों का रकबा बढ़ाया जायेगा।
कलेक्टर कार्यालय के सभागार में आयोजित हुई बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग अशोक वर्णवाल, प्रमुख सचिव गुलशन बामरा,प्रमुख सचिव उद्यानिकी सुखवीर सिंह, संभागीय कमिश्नर डॉ. वीरेंद्र सिंह रावत, सागर कलेक्टर दीपक आर्य , दमोह कलेक्टर सुधीर कोचर, सुरेश कुमार, संदीप जी आर, अरुण विश्वकर्मा, अवधेश शर्मा सहित संभाग के सभी जिला उद्यानिकी, सहकारिता, बीज विकास निगम, विपणन संघ, बीज प्रमाणीकरण एवं कृषि से जुड़े अन्य विभागों के राज्य स्तरीय अधिकारी और दोनों संभागों के जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी व संबंधित विभागों के संभागीय अधिकारी मौजूद थे।
