ज्योति शर्मा/सागर । गर्भवती महिलाओं के साथ संवेदनशीलता के साथ उनकी सभी आवश्यक जांचे समय पर करायें एवं प्रेगनेंसी क्लब बना कर तैयार कराएं जिससे कि सभी गर्भवती माताएं-बहनें क्लब के माध्यम से अपने विचार सांझा कर सकें। कोई भी बच्चा कुपोषित न रहे इसलिए उन्हें चिन्हित कर, एनआरसी भेजें और गुणवत्तापूर्ण भोजन प्रदान करें। इसी प्रकार नवीन आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण कार्य अपने स्वयं के घर की तरह कराएं। उक्त निर्देश कलेक्टर संदीप जी आर ने महिला बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में दिए हैं। उन्होंने कहा है कि जिले की सबसे सुंदर आंगनवाड़ी केंद्र को 26 जनवरी के कार्यक्रम में पुरस्कृत भी किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिये हैं कि सभी विद्यालयों में गुड टच बेड टच के लिए जागरूकता अभियान चलाएं।
कलेक्टर संदीप जीआर ने कहा कि गर्भवती महिलाओं के साथ संवेदनशीलता के साथ उनकी तीन माह में होने वाली जांच सहित अन्य सभी जांचे समय सीमा में कराएं। प्रेगनेंसी क्लब का गठन कर क्लब की बैठकें आयोजित करेें जिससे कि बैठक में सभी गर्भवती महिलाएं आपस में अपने विचार व्यक्त कर सकें जैसे कि खानपान, स्वास्थ्य परीक्षण सहित अन्य सभी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हो। इसी प्रकार 16 वर्ष से अधिक की बेटियों की भी हीमोग्लोबिन की जांच कराएं एवं उचित खानपान की सलाह दें। सभी आंगनवाड़ी केंद्र सुबह साढ़े आठ बजे ओपन हों तथा सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका साढ़े आठ बजे सुबह केंद्र पर पहुँच कर पोषण ट्रेकर एप पर उपस्थिति दर्ज करें। तत्पश्चात् आवश्यक सफाई व्यवस्था एवं बच्चों को लाने का कार्य व्वस्थित रुप से सुबह 9 के पूर्व सुनिश्चित करें।
उन्होंने निर्देश दिए हैं कि सभी परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक स्वयं भी साढ़े आठ बजे से केंद्र निरीक्षण सुनिश्चित करें। अपनी उपस्थिति सम्पर्क पर भी दर्ज करें। उन्होंने निर्देश दिए कि पोषण ट्रेकर / संपर्क मे वास्तविक उपस्थिति दर्ज हो, कोई फ्राड न हो, इस हेतु भी परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक आकस्मिक रुप से वीडियो काल आदि से पुष्टि करते रहे।
आंगनबाड़ी केंद्रों मे बच्चे आंगनबाड़ी केंद्र की साज-सज्जा उपयुक्त आकर्षक व्यवस्था से प्रेरित होकर आएं, इस हेतु 2-2 आंगनबाड़ी केंद्रों को अपना कर स्वयं गोद लेकर परियोजना अधिकारी एवं पर्यवेक्षक किये गये सुधार कार्य अगली बैठक में प्रस्तुत करें। सुबह नियत समय पर मेन्यू के अनुसार ताज़ा गर्म पौस्टिक रुचिकर नाश्ता, प्रति संचालन दिवस पर समूह द्वारा स्वच्छता पूर्वक परोसा जाए।
उन्होंने निर्देश दिए हैं कि समूह द्वारा नाश्ता, भोजन में मुंनगे के पत्ते, चुकंदर, पालक आदि हरी सब्जियों को स्वादिष्ट भोजन के रूप में परोसा जाए। बच्चों की वास्तविक उपस्थिति अनुसार ही देयक प्रस्तुत किए जाएं।
आंगनवाड़ी भवन निर्माण हेतु परियोजना अधिकारी उपयुक्त भूमि स्थल चयन करें एवं समय सीमा निर्माण हेतु आवश्यक मानिटरिंग कर कठिनाइयों को स्थानीय जनपद इंजिनियर सहित वरिष्ठ स्तर पर भी सूचित करें। कोई भी आंगनवाड़ी भवन अप्रारम्भ नहीं हो, तत्काल निर्माण कार्य प्रारंभ करें, तीन माह मे इंजीनियर पूर्ण कराएं। प्रगतिरत भवन की पूर्णता हेतु आवश्यक राशि का आकलन कर निराकरण हेतु शनिवार तक जिला पंचायत की ओर से प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए।
गृह भेंट के माध्यम से, किशोरी बालिकाओं की काउंसलिंग भी की जाए। उनकी एनेमिक स्थिति मे सुधार हेतु आवश्यक हेल्थ चेकअप भी कराते रहें। आंगनवाड़ी कार्यकर्त्ता द्वारा गुड़ टच बेड टच से संबंधित जागरूकता के लिए आवश्यक जानकारी स्नेह पूर्वक दी जाए। एनआरसी मे कोई बेड खाली न रहे न ही कोई सेम बच्चा अगली बैठक तक शेष रहें।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और आशा संयुक्त रुप से हर घर में गृह भेंट कर फेमली हेल्थ सर्वें को 15 दिवस में पूर्ण कर रिपोर्ट परियोजना अधिकारी एवं बीएमओ को संयुक्त रुप से प्रस्तुत करें। जिसके आधार पर आवश्यक स्वास्थ्य पोषण सुविधाये /परामर्श सेवाएं स्वास्थ्य व महिला बाल विकास विभाग प्रदत्त करेंगे।
सीसेम अभियान के तहत सम्पर्क ऐप मे नियत फॉलोअप अनिवार्य रुप से पूर्ण किये जाएं और सभी सेम मेम को सामान्य मे लाने प्रभावी कार्यवाही समय सीमा मे पूर्ण कर सतत प्रयास जारी रखें।
स्वयं सेवी संगठनों के नवाचार/प्रोजेक्ट मे भी महिलाओं, बच्चों के विरुद्ध हिंसा रोकथाम के प्रयास सम्मिलित रहें।
सभी परियोजना अधिकारी अगली बैठक मे 5-5 मॉडल आंगनवाड़ी केंद्र की रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे इस हेतु आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का प्रभावी ईसीई प्रशिक्षण सतत रुप से कराया जाये। जिले में महिला बाल विकास , स्वास्थ्य, शिक्षा एवं पुलिस विभाग का संयुक्त सुरक्षा संवाद कार्यक्रम हर ग्राम /वार्ड मे महिलाओं बेटियों के साथ प्रभावी रुप से क्रियान्वयन नोडल अधिकारी परियोजना अधिकारी सुनिश्चित करें।
सफल बेटियों के नाम, फोटो के साथ होर्डिंग लगाए जायें सागर की बेटी सागर का अभिमान बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत, बाल देखरेख संस्थाओं में बच्चों का सर्वाेत्तम हित संस्थाओं द्वारा सुनिश्चित किया जाये, इस हेतु प्रभावी रुप नियत निरीक्षण हो।
मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद, पीएम केयर, स्पान्सरशिप, फ़ास्टर केयर योजनाओं के लाभार्थी को समय पर लाभ मिले तथा इनके साथ संवाद कार्यक्रम भी कराएं।हेल्पलाइन का संतुष्टि पूर्वक निराकरण समय सीमा मे हो एवं नॉन अटेंडेड कोई भी न रहें। टीम वर्क के रुप मे विभिन्न विभागों के समन्वय से सभी परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका को सफल नेतृत्व देते हुए अपने समस्त दायित्वों को समय सीमा मे पूर्ण करें तथा उत्कृष्ट कार्य हेतु आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहायिका को प्रोत्साहित भी करें।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ विवेक के वी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ ममता तिमोरे, जिला कार्यक्रम अधिकारी बृजेश त्रिपाठी सहित सीडीपीओ, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता , सहायिका मौजूद थी।
