नर्मदा संरक्षण अभियान के तहत नर्मदा के शुद्धिकरण, साफ-सफाई व संरक्षण को लेकर बरमान घाट पर की गई सफाई
सागर। पवित्र नदी मां नर्मदा के शुद्धिकरण एवं उचित संरक्षण की मांग को लेकर बरमान घाट जिला नरसिंहपुर में ब्रह्मलीन गृहस्थ संत पंडित श्री देव प्रभाकर शास्त्री दद्दा जी महाराज के कृपा पात्र श्री राम दरबार मंदिर के महंत केशव गिरी महाराज के तत्वधान में करीब 60 से अधिक सदस्यों के द्वारा बरमान में नर्मदा के दक्षिण तट पर विशेष सफाई की गई। प्रातः 6:00 बजे श्री राम दरबार मंदिर से बस एवं निजी वाहनों के द्वारा बरमान की ओर महिला मंडल सहित अनेक भक्तजन विशाल जन समुदाय के साथ नदी एवं जल संरक्षण को लेकर संदेश देते हुए प्रस्थान किया गया। साथ ही स्वच्छता को लेकर घाट पर सफाई के साथ साथ घाट की आध्यात्मिक जानकारी देते हुए कहा कि यदि घाटों को स्वच्छ रखेंगे, तो जल शुद्ध होगा और जल की शुद्धि होगी तो हमारे मन की शुद्धि भी निश्चित रूप से होगी, नर्मदा नदी का हर तट एक तीर्थ क्षेत्र है किसी धार्मिक बड़े मठ से कम नहीं है इसीलिए इन सभी तटो को स्वच्छ रखना हमारा परम धर्म है, नदी व जलसंरक्षण अभियान समिति के सदस्य राजा रिछारिया, इंजीनियर महेंद्र गोस्वामी ने बताया कि बरमान में पहुंचते ही साफ सफाई का कार्य प्रारंभ किया और फिर मां नर्मदा स्नान कर विश्व एवं राष्ट्र कल्याण की भावनाओं को लेकर पार्थिव शिवलिंग निर्माण किया गया।

मां नर्मदा की 4000 किलोमीटर की पैदल परिक्रमा पूर्ण अपने गृहनगर लौटे मकरोनिया राम दरबार के महंत गृहस्थ संत केशव गिरी महाराज के सानिध्य में यह अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें मातृशक्ति के साथ-साथ सबसे अधिक युवाओं को इस मिशन से जोड़ा जा रहा है मां नर्मदा एवं जल संरक्षण एवं वृक्षारोपण पर प्रकाश डालते हुए केशव गिरी महाराज ने कहा कि, स्वच्छता के साथ-साथ हमारे द्वारा आध्यात्मिक रूप से नवग्रह वाटिका भी लगाई जाएगी, व्यक्ति को अपनी राशि के अनुसार वृक्षारोपण करने से और उस वृक्ष का उम्र भर खाद पानी की व्यवस्था करने से आध्यात्मिक लाभ भी प्राप्त होता है। कुंडली के अनिष्टग्रहों की शांति भी होती है। बहुत जल्द आगामी कार्यक्रम में अपनी राशि और ग्रह के अनुसार वृक्षारोपण अनेक भक्तों द्वारा कराया जाएगा। स्वच्छता अभियान में मुख्य रूप से, विमला गौर,किरण शर्मा, उमा यादव,श्रद्धा पटेल, संगीता मिश्रा श्रवण कुमार शर्मा, जे पी यादव,उमा यादव , रचना ठाकुर, राकेश गोस्वामी आदि उपस्थित थे।
