सागर I जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद जिला सागर द्वारा शीघ्र ही ’’म्यूजियम चलो अभियान’’ आरंभ किया जा रहा है। इस अभियान के तहत स्कूली छात्र – छात्राओं की जिला पुरातत्व संग्रहालय का भ्रमण कराया जायेगा ।
जिला पुरातत्व संग्रहालय पूर्व में दो शेर बंगला में संचालित होता था। वर्तमान में यह पुरानी लेडी डफरिन में संचालित हो रहा है। जो हेरीटेज भवन है तथा संचालनालय मध्य प्रदेश पुरातत्व अभिलेखागार एवं संग्रहालय से संरक्षित स्मारक है।
पुरातत्व संग्रहालय में दो हजार वर्ष से अधिक प्राचीन विभिन्न प्रकार की मूर्तियां एवं अन्य सामग्री संग्रहित की गई है। इस में अनेक प्रतिमायें दुलर्भ श्रेणी में आती है। जिला पुरातत्व संग्रहालय सागर जिले की पुरातत्व विरासत को संजो के रखने का प्रमुख स्थान है किन्तु अभी तक कुछ शोध छात्र-छात्राओ को छोड़कर आमतौर पर पर्यटक एवं दर्शक कम ही आते है। स्कूली छात्र-छात्राये आरंभ से ही अपनी संस्कृति विरासत को जाने और उस पर गर्व करे यह दृष्टिगत रखते हुये स्कूल शिक्षा विभाग के साथ मिलकर जिला पुरातत्व पर्यटन एवं संस्कृति परिषद सागर द्वारा यह अभियान आरंभ किया गया है।
तालाब सागर की पहचान है इसके किनारो पर सागर के मंदिर घाट, किला आदि विरासत फैली हुई है। सागर तालाब में जिला पुरातत्व पर्यटन एवं संस्कृति परिषद द्वारा एक क्रूज का संचालन किया जाता है। इस क्रूज में बैठकर सागर झील का अवलोकन करना अद्भुद् आनंदायक है। इसमें भ्रमण करते समय झील के किनारे स्थित सांस्कृतिक विरासत के अलावा सागर तालाब के चारो ओर स्थित ऊंचे ऊंचे पहाड़ो को देखने का आंदन भी प्राप्त होता है। ’’म्यूजियम चलो अभियान’’ में छात्र-छात्रायें क्रूज पर भ्रमण करने का भी आनंद ले सकेगें ।