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कलेक्टर ने एमएमआर, आईएमआर की समीक्षा की, जननी एक्सप्रेस की आई ट्रिपल सी से मॉनिटरिंग करने के निर्देश

 सागर । कलेक्टर संदीप जी आर ने जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक में एमएमआर (मातृ मृत्यु दर), आईएमआर (शिशु मृत्यु दर) की समीक्षा की और निर्देश दिए कि गर्भावस्था से लेकर जन्म तक महिला, बच्चे की पूरी देखभाल, सभी आवश्यक जांच के साथ सही पोषण और दवाएं उपलब्ध कराएं और संस्थागत प्रसव हो यह सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि गर्भवती महिलाओं के उपयोग हेतु जननी एक्सप्रेस की स्मार्ट सिटी के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से मॉनिटरिंग की जाए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी यह सुनिश्चित करे कि एंबुलेंस में सभी संसाधन, आवश्यक दवाएं, प्राइमरी इक्विपमेंट, मेडिकल स्टाफ उपलब्ध रहे।

60 प्रतिशत से कम आयुष्मान प्रगति वाले अधिकारी की एक वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश

उन्होंने आयुष्मान कार्ड की प्रगति की भी समीक्षा की और निर्देश दिए की ऐसे अधिकारी, कर्मचारी जिनकी प्रगति 60 प्रतिशत से कम है उनकी एक वेतन वृद्धि रोकी जाएगी।

उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं की एएनसी (एंटी नेटल) जांच के समय ही उन्हें अच्छे खान-पान की सलाह दें। उन्हें सुपोषित गर्भावस्था के संबंध में आवश्यक जानकारी दें, जिससे एक स्वस्थ मां एक स्वस्थ शिशु को जन्म दे।

उन्होंने निर्देश दिये कि, जननी एक्सप्रेस एवं 108 की आई ट्रिपल सी से मॉनिटरिंग की जाए। इसके साथ ही उन्होंने सीएमएचओ, सिविल सर्जन मरीज का रेफरल ऑडिट कराने के भी निर्देश दिए।

जननी एक्सप्रेस एवं 108 समय पर पहुंचे

कलेक्टर संदीप जी आर ने निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं की सभी जांचें समय पर हों और जांच करते समय उनको आवश्यक जानकारी दें जिससे उनका प्रसव आसान हो और इंस्टीट्यूशनल डिलीवरी हो। उन्होंने कहा कि सभी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी यह विशेष रूप से ध्यान दें कि किसी भी स्थिति में गर्भवती महिलाओं को घर से लेकर अस्पताल तक आने-जाने में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। जननी एक्सप्रेस एवं 108 समय पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि जननी एक्सप्रेस एवं 108 की आई ट्रिपल सी से जीपीएस सिस्टम के माध्यम से निगरानी की जाए, जिससे कि उनकी रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा सके। उन्होंने कहा कि किसी भी छोटी अस्पताल से अन्य बड़ी अस्पताल में रेफरल करने का ऑडिट भी किया जाए, जिससे वास्तविक स्थिति का अध्ययन किया जा सके।

 उन्होंने कहा कि सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर जिला चिकित्सालय तक में सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हों। आवश्यकता पड़ने पर संसाधन उपलब्धता तथा वितरण व्यवस्था को पुनः रिवाइज किया जावे। उन्होंने कहा कि जहां भी सोनोग्राफी एवं एक्स-रे की व्यवस्था नहीं है वहां पोर्टेबल सोनोग्राफी एवं एक्स-रे मशीन की व्यवस्था की जाए और इसके लिए विधिवत समय सारणी तैयार की जावे और इसका पहले से प्रचार प्रसार किया जावे। साथ ही सभी तैयारियां की जाए जिससे सोनोग्राफी या एक्स-रे क्षेत्र में ही किया जा सके।

उन्होंने निर्देश दिए कि, सभी वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी लगातार स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण करें और उसमें सभी डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करें।  यदि कहीं लापरवाही या अनुपस्थिती पाई जाती है तो उन पर सख्त कार्रवाई की जावे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना हम सभी का प्राथमिक दायित्व है, इसे पूरी जिम्मेदारी से निभाएं। स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत यदि कोई जर्जर भवन है तो उसे तत्काल डिस्मेंटल करें जिससे कि नया भवन बनाया जा सके।

 कलेक्टर ने एएनएम से ली पंजीयन की जानकारी

कलेक्टर ने बैठक में गर्भवती महिला जानकी कुशवाहा से प्रसव पूर्व जांच के संबंध में जानकारी ली एवं संबंधित एएनम पूजा पटेल से एएनसी और मोबाईल में फीडिंग की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी गर्भवती माता की सभी जांचों की जानकारी पोर्टल पर अद्यतन करें और सभी की जांच समय-समय पर हो यह सुनिश्चित करें।

कलेक्टर ने मलेरिया की भी समीक्षा की और कहा कि  सभी स्वास्थ्य केंद्रों में मलेरिया की जांच लगातार की जाए और आवश्यकता अनुसार दवाओं का वितरण किया जाए।

इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विवेक के वी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी , सिविल सर्जन डॉक्टर आर एस जयंत, जिला कार्यक्रम अधिकारी बृजेश त्रिपाठी, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉक्टर एम एल जैन , सभी बीएमओ, सीडीपीओ सहित स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग के सभी फील्ड अधिकारी मौजूद थे।


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