सागर I वर्ल्ड हेरीटेज कमेटी की बैठक के संबंध में टूरिज्म एसेट बैंक के लिए जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद् के अंतर्गत विभागों एवं संबंधितों से जानकारी मांगी है। उक्त संबंध में अपर कलेक्टर एवं जिला पुरातत्व पर्यटन एवं संस्कृति परिषद के नोडल रुपेश उपाध्याय ने संबंधितों को जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि, भारत सरकार पर्यटन मंत्रालय द्वारा राज्य की सांस्कृतिक, अमूर्त-मूर्त विरासत, कला-शिल्प, त्यौहार, प्रमुख पर्यटन, आकर्षणों, पर्यटकों की रूचि बाली सामग्री (आर्ट एन्ड क्राफ्ट) को विकसित करने पर्यटन स्थलों से संबंधित कहानियों आदि पर चर्चा के लिये राज्यो की उक्त गतिविधियों और अनुभवों का प्रचार-प्रसार करने, पर्यटकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से टूरिज्म एसेट बैंक के लिए निर्धारित प्रारूप अनुसार 17 श्रेणियों के आधार पर तैयार किया जाना है।
इन 17 श्रेणियों के आधार पर प्राचीन, ऐतिहासिक, पुरातात्थिक, प्राकृतिक, धार्मिक, सांस्कृतिक, शिक्षा व साहित्यिक, हेन्डी क्राफ्ट, हेन्डलूम, भाषा एवं साहित्यिक तथा अन्य पर्यटन स्थल से संबंधित जानकारी निम्न विभागों और संस्थाओं से अपेक्षित है। जिसमें वनमंडल अधिकारी, बनमंडल उत्तर सागर, वनमंडल अधिकारी, वनमंडल दक्षिण सागर, वनमंडल अधिकारी, रानी दुर्गावती नेशनल पार्क सागर, रजिस्ट्रर, डॉ. हरीसिंग गौर विश्व विद्यालय सागर,आयुक्त नगर निगम जिला सागर, अधीक्षण पुरात्तत्त्वविद् भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण जबलपुर मंडल जे.डी.ए. योजना क्रमांक 18, ब्लॉक 9 वाई विंग, तृतीय तल, सिविक सेंटर, जबलपुर म.प्र.,उपसंचालक, मध्य प्रदेश पुरातत्व अभिलेखागार एवं संग्रहालय उत्तरीय क्षेत्र गुजरी महल ग्वालियर म.प्र., महन्त एवं मुख्य ट्रस्टी वृन्दावन बाग संस्थान न्यास सागर, डॉ. सरोज गुप्ता, अध्यक्ष बदेलखण्ड विश्वकोश सागर, दामोदर अग्नीहोत्री (सत्यम कला सांस्कृतिक संग्रहालय) अहमद नगर वृन्दावन बाग, सागर तथा सभी अनुविभागीय अधिकारियों (राजस्व) शामिल हैं।
