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सागर। यह एक ऐसे देश का बजट है जिसको अपने मध्यम वर्ग की उद्यमिता पर पूरा भरोसा है। यह बजट देश के प्रत्येक परिवार की अर्थव्यवस्था और प्रत्येक व्यक्ति की क्षमताओं को अपग्रेड करता है जिसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी और वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण बधाई की पात्र हैं। यह प्रतिक्रिया पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने केंद्र सरकार के बजट-2025 पर व्यक्त की है।

पूर्व गृहमंत्री, विधायक भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि केंद्र 12 लाख रुपए तक की आय को आयकर मुक्त करने का निर्णय देश के उस मध्यम वर्ग को सामर्थ्यवान बनाएगा जिसके बीच से देश को आगे ले जाने वाली प्रतिभाएं सामने आती हैं। क्रत्रिम बुद्धिमत्ता की अत्याधुनिक तकनीक के दौर में देश के सामने आ रही चुनौतियों का सामना करने के लिए मध्यम वर्ग का सशक्तिकरण अत्यंत आवश्यक था जिस पर इस बजट में काम किया गया है। पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि मध्यम वर्गीय परिवारों को सशक्त करने के लिए सरकार ने एक करोड़ से अधिक होम डिलीवरी करने वाले नये नये हितग्राही वर्ग को चिन्हित कर उस तक सीधा लाभ पहुंचाने की घोषणा की है जो सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि यह बजट गरीब, किसान और युवाओं के कल्याण को समर्पित बजट है। देश में चिकित्सा और स्वास्थ्य को उन्नत करने के अभियान में 75 हजार मेडीकल सीटें बढ़ाने के निर्णय से चिकित्सा सुविधाओं की तेजी से वृद्धि होगी। आईआईटी की 6100 सीटें बढ़ाने का निर्णय, देश में परमाणु आधारित ऊर्जा की क्षमता को आगे ले जाने का लक्ष्य, 7 करोड़ से अधिक किसानों के क्रेडिट कार्ड की लिमिट 3 से 5 लाख तक बढ़ाना, डेयरी और मत्स्य पालन के लिए 5 लाख तक की लोन सुविधा, कैंसर की दवाएं और मेडीकल उपकरण सस्ते करना, अनुसूचित जाति जनजाति वर्गों की महिलाओं को विशेष लोन सुविधा, 1 लाख करोड़ का अर्बन चेलैंज फंड, टीवी मोबाइल सस्ते करना ऐसे निर्णय हैं जिनसे भाजपानीत सरकार के संकल्प और भविष्य के लक्ष्यों का पता चलता है।

पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि यूरिया जैसे उर्वरकों की क्षमता बढ़ाने के लिए नये कारखाने और 60 नये एयरपोर्ट बनाने के प्रस्ताव बताते हैं कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को खेत से लेकर आकाश तक देश की प्रगति की चिंता है। वे ऐसे आत्मनिर्भर भारत का निर्माण कर रहे हैं जिसका प्रत्येक नागरिक अपनी सभी बुनियादी सुविधाओं के साथ सक्षमता से अपनी क्षमताओं का विकास कर विश्व में गरिमा के मस्तक ऊंचा करके अपने सांस्कृतिक मूल्यों को पल्लवित कर सकेगा।


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