जल गंगा आरती
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झील में या आसपास कचरा दिखते ही तत्काल साफ करें सफाईकर्मी, आवश्यकता अनुसार नाडेप पिट हौदियों की संख्या बढ़ाये : नगर निगम आयुक्त

सागर I लाखा बंजारा झील किनारे प्रति सोमवार आयोजित होने वाली जल गंगा आरती इस बार गणेश उत्सव के उपलक्ष्य में आज शाम 7 बजे झील किनारे गणेश मंदिर के सामने वाले घाट पर की जायेगी। उक्त सांस्कृतिक आयोजन की तैयरियों का जायजा लेने रविवार को सुबह सुबह लाखा बंजारा झील पर पहुँचे नगर निगम आयुक्त सह कार्यकारी निदेशक सागर स्मार्ट सिटी लिमिटेड राजकुमार खत्री ने गणेश घाट के आसपास समुचित प्रबंध करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। उन्होंने विगत त्यौहार के दौरान झील और झील के आसपास विसर्जित की गई विसर्जन सामग्री फूल माला केला पत्ता आदि देखकर तत्काल सफाई करने के निर्देश सफाईकर्मियों को दिये। उन्होंने कहा की झील के स्वच्छ जल पर तैर रहे फूलपत्ती व जलकुम्भी के पौधे आदि कचरे को देखते ही तत्काल बाहर निकालें। झील की सतत साफ-सफाई करते हुये स्वच्छ रखने का सन्देश हमें सभी नागरिकों को देना है। ताकि नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़े और वे अपनी ऐतिहासिक झील को साफ-स्वच्छ रखने में सहयोगी बने। उन्होंने कहा की नागरिक विसर्जन सामग्री झील किनारे घाट पर बनी नाडेप पिट हौदियों में ही डाले न की झील के पानी में विसर्जित करें। इसके लिए नागरिकों को रोकें टोकें, आवश्यकता पड़ने पर और नाडेप पिट हौदियों का निर्माण करें और समय समय पr इन नाडेप में बनी खाद आदि निकाल कर पौधों में उपयोग करते रहें। जिससे इन हौदियों में जगह बनी रहे। उन्होंने चकराघाट से गणेश घाट तक पैदल चलकर साफ-सफाई एवं गणेश मंदिर घाट के पास आज शाम 7 बजे होने वाली जल गंगा आरती की तैयारियां देखीं। नागरिकों से अपील करते हुए उन्होंने कहा की फूलमाला आदि पूजन सामग्री पॉलीथिन में बांध कर झील में न डालें उसे थैले से निकालकर झील किनारे नाडेप पिट हौदियों में ही डालें। झील को साफस्वच्छ रखते हुए गौरव बढ़ाने में सहयोगी बने।

झील किनारे अष्टविनायक गणेश मंदिर के साथ 4 शिखरों पर होगी कलश स्थापना

झील किनारे सदियों पुराने मंदिर विद्यमान हैं। अष्टविनायक गणेश मंदिर भी इन मंदिरों में से एक है इस प्राचीन मंदिर के शिखर के साथ ही इस घाट पर स्थित शिव मंदिर, राधाकृष्ण मंदिर, हनुमान मंदिर पर 4 अलग-अलग कलश स्थापना का भव्य आयोजन मंदिर समिति और गणेशभक्त समस्त स्थानीय रहवासियों द्वारा किया जायेगा। इस दौरान मंदिर प्रबंधन द्वारा हवन पूजन अनुष्ठान कार्यक्रम के साथ ही प्रसादी वितरण का भी प्रबंध किया जायेगा। गणेश घाट के पास बनी छतरी पर जल गंगा आरती से पहले भजन संध्या, क्लासिकल संगीत प्रस्तुतियाँ लोगों को आकर्षित करेंगी। आकर्षक लाइटिंग और साजसज्जा से जगमगायेगा गणेश घाट। 11 पूजारियों द्वारा मन्त्रोंच्चार, आरती की ध्वनि के साथ धूप दीप कपूर आदि से किया जायेगा जल गंगा आरती का अनुष्ठान। प्रति सोमवार अनुसार आज भी बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति में सम्पन्न होगी जल गंगा आरती। इस सांस्कृतिक आयोजन का उद्देश्य नागरिकों में झील और अन्य जलस्रोतों, ऐतिहासिक धरोहरों के प्रति आदर और सम्मान का भाव उत्पन्न करना है नागरिक जागरूक हों और अपनी धरोहर व पर्यावरण के संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी के साथ अपनी भूमिका निभायें


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