सागर I देश के कानून में कुछ बदलाव किए हैं 1 जुलाई को तीन नए कानून गृह मंत्रालय द्वारा लागू किये जा रहे हैं। भारत सरकार द्वारा जो नए कानून जारी किए गए हैं वह भारतीय न्याय संहिता भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम है जो की पूर्व के क्रमशः भारतीय दंड संहिता आपराधिक प्रक्रिया संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह लेंगे। इन नए कानून का मुख्य उद्देश्य देश की जनता को त्वरित न्याय दिलाना है। जिसके सफल क्रियान्वयन हेतु सागर पुलिस के समस्त अधिकारी,कर्मचारी पूरी तरह से प्रशिक्षित होकर कार्यवाही करें तथा आमजन को भी इस संबंध में जागरूक करें, इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस अधीक्षक द्वारा समस्त अधिकारियों को प्रशिक्षण कार्यशालाएं व आम जनता में भी इसका प्रचार प्रसार हेतु कार्यवाही के दिशा-निर्देश दिये गये है।
उक्त निर्देशों के अनुक्रम में अति. पुलिस अधीक्षक बीना डॉ. संजीव कुमार एवं अति पुलिस अधीक्षक लोकेश कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन में विगत दिनों से लगातार पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नए आपराधिक कानून-2023 की प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की जा रही है साथ ही आम नागरिकों के बीच जाकर भी नए कानून के विभिन्न प्रावधान व सुविधाओं के बारें में प्रचार प्रसार किया जा रहा है।
इसी कड़ी में पुलिस की टीम ने सागर जिले के विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर नए कानून के बारें में विस्तृत रूप से जानकारी दी। पुलिस टीम ने सभी को बताया कि तीनों नवीन कानून – भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम आम जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए बनाये गए है। इसमें महिलाओं व बच्चों से संबंधित अपराधों में पीड़ितों की समस्याओं को केंद्र में रखकर, अपराधियों के लिए और कड़ी सजा आदि पर ध्यान दिया गया है। कही पर भी घटना होने पर परिस्थितिवश कही पर भी एफआईआर की सुविधा तथा ई -एफआईआर का भी प्रावधान है ।
नये कानून में डिजिटल साक्ष्य, फोरेंसिक साक्ष्यों के महत्व को बढ़ाया गया है एवं हर चीज की समय सीमा को निर्धारित किया गया है कि, कितने समय में विवेचना पूर्ण करके चार्ट शीट पेश करना है और केस की अपडेट पीड़ित को समय सीमा में दी जाएगी। गवाह व पीड़ित आदि के बयान की वीडियो ग्राफी तथा बयान इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से लेने की भी प्रक्रिया है। पुलिस टीम ने उन्हें नए व पुराने कानूनों के तुल्नात्मक चार्ट और प्रावधानों को पीपीटी व पोस्टर आदि के माध्यम से समझाया।
साथ ही आमजन को भी इसका ज्ञान हो इसको ध्यान में रखते हुए सभी थानो मे भारतीय न्याय संहिता एंव भारतीय दण्ड संहिता के तुलनात्मक विवरण के पोस्टर लगाये गये ताकि थाने पर आने वाले किसी भी फरियादी एंव आमजन को नवीन अपराधिक कानून की विभिन्न धाराओं व प्रावधान के बारे में जानकारी रहे और उन्हें वे किसी भी प्रकार से भ्रमित न रहे। इसी क्रम में जनता को जागरूक करने हेतु 1 जुलाई से जन जागरूकता शिविर का आयोजन जिले की समस्त थाने एवं चौकी स्तर पर भी किया जा रहा है जिसमें गणमान्य नागरिकों को युवाओं को रिटायर्ड पुलिस कर्मियों को आमंत्रित किया जाएगा। एनसीईआरटी के मोबाइल एप पर भी कानून की तुलनात्मक टेबल उपलब्ध कराई गई है।
