नमामि गंगे अभियान
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हम सबको अपने आसपास की बावड़ियों, कुंआ को करना होगा जल संरक्षण एवं संवर्धन – विधायक प्रदीप लारिया
                                                     
सागरI नमामि गंगे अभियान के तहत सागर विकासखंड के ग्राम पगारा में 500 वर्ष पुरानी बावड़ी का संरक्षण एवं संवर्धन किया जाएगा और उसको अपने पुराने अस्तित्व में लाकर पीने लायक पानी बनाया जाएगा ।उक्त विचार नरयावली विधायक प्रदीप लारिया ने नमामि गंगे अभियान के शुभारंभ अवसर पर सागर जिले के पगारा ग्राम पंचायत में 500 वर्ष पुरानी बावड़ी के जीर्णोद्धार कार्यक्रम में व्यक्त किये। इस अवसर पर सरपंच राम दयाल यादव, उप सरपंच, अरविंद घोसी, ऑफिसर यादव, नितेश शर्मा, प्रहलाद रजक, भगत सिंह, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी पीसी शर्मा, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभय वर्मा, एन के विश्वकर्मा, पवन चौरसिया, सचिव सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी एवं अधिकारी मौजूद थे।

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विधायक प्रदीप लारिया  ने कहा कि नमामि गंगे अभियान के तहत जन संरक्षण संवर्धन के कार्यों को प्रारंभ करें एवं नमामि गंगे अभियान में जन प्रतिनिधियों स्वयंसेवी संस्थाओं की सहभागिता अनिवार्यता सुनिश्चित की जावे। विधायक लारिया ने कहा कि इस बावड़ी की जीवन आधार एवं संरक्षण संवर्धन होने से न केवल पीने की पानी की व्यवस्था होगी बल्कि अपने पुराने अस्तित्व को पा सकेगी और इसका सुंदरीकरण भी पुरातत्व विभाग के माध्यम से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार नरयावली विधानसभा क्षेत्र सहित सागर जिले की पुरानी एवं तालाबों का जीर्णोद्धार का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के द्वारा नमामि गंगे योजना के माध्यम से जो कार्य किया जा रहा है वह अभूतपूर्व है।

जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं नमामि गंगे अभियान के नोडल अधिकारी पीसी शर्मा ने कहा कि कलेक्टर दीपक आर्य ने नमामि गंगे अभियान की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए थे कि नमामि गंगे अभियान के तहत जिले की समस्त पंचायतों में जल स्त्रोतों तथा नदी, तालाबों, कुआँ, बावड़ी तथा अन्य जल स्त्रोतों के संरक्षण एवं पुर्नजीवन हेतु 5 जून से 16 जून तक विशेष अभियान के संचालन किया जाए। जिसमें जिले के समस्त जनप्रतिनिधि सामाजिक तथा अशासकीय संस्थाओं एवं योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के अंतर्गत जन अभियान परिषद की सहभागिता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जावे।  अनेकानेक ऐसी जल संग्रहण संरचनाएं (जैसे नदी, तालाबों, कुआँ, बावड़ी आदि) उपलब्ध हैं जो कि वर्तमान में विभिन्न कारणों से अनुपयोगी हो गई हैं। जल स्त्रोतों का अविरल बनाये जाने के लिए इन संरचनाओं का पुर्नरोद्धार / जीर्णोद्धार एवं नवीनीकरण किया जाकर इन्हें उपयोगी बनाया जाना आवश्यक है।उक्त उद्देश्य को ध्यान में रखते हुये विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य पर 5 जून से 16 जून तक की अवधि में प्रदेश में प्रवाहित होने वाली नदियों, तालाब एवं जल संरचनाओं के पुर्नजीवीकरण / संरक्षण का विशेष अभियान चलाया जाना शुरू हुआ।

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जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने कहा कि  मनरेगा से निर्मित तालाब निर्माण के पूर्ण कार्य जो 05 वर्ष या अधिक पुराने हैं तथा जिनमें मनरेगा से जीर्णोद्धार/गहरीकरण का कार्य के जीर्णोद्धार/गहरीकरण का कार्य अभियान अंतर्गत लिया जाए। मनरेगा अंतर्गत अनुमत्य कार्यों को ही लिया जाए तथा शेष कार्यों हेतु अन्य मद जैसे 15 वां वित्त आयोग, टाइड फंड, पांचवां वित्त आयोग, राज्य वित्त आयोग, पंचायत निधि, सांसद/विधायक निधि इत्यादि का उपयोग किया जाए।
पुराने कुएं एवं बावड़ी जीर्णोद्धार के कार्य पूर्व वर्षों में सघनता से मनरेगा से लिए गए हैं, जीर्णोद्धार हेतु शेष बावड़ियों को मनरेगा के प्रावधानों के अनुरूप लिया जा सकता है।  जल संग्रहण संरचना के पुनरोद्धार/जीर्णोद्धार के अंतर्गत मुख्य रूप से कैचमेंट क्षेत्र में अवरोध का चिन्हांकन कर उपस्थित अवरोधों/अतिक्रमण को हटाकर, फीडर चैनल बनाकर या अन्य आवश्यक उपाय कर पानी की आवक में वृद्धि किया जाना है। उन्होंने कहा कि नमामि गंगे अभियान के तहत जिले की समस्त ग्राम पंचायत में सभी जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में आवश्यकता अनुसार तालाब हुआ बावड़ी  के संरक्षण का कार्य किया जाएगा।


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