ज्योति शर्मा/सागर। खेल परिसर के बगल वाले मैदान में चल रही श्री राम कथा के तीसरे दिन में कथा क्रम को आगे बढाते हुए बापू ने कहा कि भगवान शिव ने माता सती के झूठ बोलने पर उनका परित्याग किया। बापू ने कहा की पति-पत्नी का रिश्ता दूध और पानी की तरह होता है लेकिन जब उसमें कपट रूपी खटाई पड़ जाती है तो दूध अलग हो जाता है और पानी अलग हो जाता है ऐसे ही पति-पत्नी के रिश्ते में कभी कपट नहीं होना चाहिए। बापू ने कहा की पति-पत्नी एक दूसरे का सम्मान प्रेम करने के साथ-साथ एक दूसरे से कभी कुछ छुपाये नहीं और एक दूसरे के प्रति कभी कपट ना रखें ।
शिव विवाह का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा भगवान शिव अपने शरीर पर चिता की भस्म लगा कर गए उन्होंने समाज को संदेश दिया कि हम जिस शरीर को इतना रंग रोगन कर रहे हैं एक दिन यह शरीर भस्म के रूप में परिवर्तित हो जाएगा। बापू ने कहा भगवान शिव के विवाह की प्रत्येक शृंगार मनुष्य को कहीं ना कहीं एक संदेश देते हैं धूमधाम से भगवान शिव और माता पार्वती का कथा में विवाह हुआ बाद में राम जन्म के पांच कारण बताते हुए बापू ने कथा के माध्यम से भव्य राम जन्मोत्सव मनाया। सुंदर भगवान की झांकी आई और पूरे पंडाल में खूब नृत्यगान हुआ और उत्सव मनाया गया ।
कथा में मुख्य रूप से मुख्य यजमान अनिल तिवारी, प्रतिभा तिवारी, शाखा अध्यक्ष पंडित शिव शंकर मिश्रा, सह यजमान अशोक उपाध्याय, सीताराम मिश्रा, शकुन मिश्रा, मुन्ना पटेरिया, कमल तिवारी साधना तिवारी, रामजी दुबे, अजय श्रीवास्तव, रश्मि श्रीवास्तव , गोलू रिछारिया, राम अवतार पांडे, डॉक्टर तरुण बड़ोनिया, मनोज डेंगरे आदि उपस्थित रहे।
