सागरI डॉक्टर हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर में पत्रकारिता विभाग एवं डॉ.अम्बेडकर चेयर द्वारा डॉ.अंबेडकर मेमोरियल लेक्चर का आयोजन पत्रकारिता विभाग के संगोष्ठी कक्ष में डॉ. बी.आर. अंबेडकर सामाजिक न्याय और पत्रकारिता विषय में आयोजित की गईI उक्त अवसर पर डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण डॉ. संजय शर्मा एवं डॉ. देवेंद्र कुमार विश्वकर्मा द्वारा किया गयाI डॉ. बी.आर अंबेडकर मेमोरियल लेक्चर को संबोधित करते हुए प्रोढ़ शिक्षा विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. संजय शर्मा ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने समाज में बढ़ती दूरियों को कम करने के लिए महत्वपूर्ण कार्य कियाI उन्होंने शिक्षा के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति को उठाने एवं गरीब कल्याण के लिए विशेष कार्य किया जिससे कि एक आम व्यक्ति भी शिक्षा के महत्व को समझ सकें. उन्होंने शिक्षा के माध्यम से हर व्यक्ति को सामाजिक न्याय मिल सकें इसके लिए कार्य कियाI मेमोरियल लेक्चर को संबोधित करते हुए डॉ. देवेंद्र कुमार विश्वकर्मा ने कहा कि पत्रकारिता के माध्यम से समाज सुधार और सामाजिक न्याय दिलाने के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही हैI उन्होंने 29 वर्ष की आयु में लेखन के माध्यम से समाज में शिक्षा और सामाजिक न्याय दिलाने हेतु कार्य कियाI डॉ. अंबेडकर को अपने विचार जनता तक पहुंचाने के लिए कई पत्रिका निकालनी पड़ी जिसमें मूकनायक, बहिष्कृत भारत , संमता आदि प्रमुख हैI डॉ. अंबेडकर ने संपादन लेखन और सलाहकार के तौर पर भी कार्य करने के साथ इन प्रकाशनों का मार्गदर्शन भी कियाI डॉ. अम्बेडकर लेखन एवं संपादन के माध्यम से शिक्षा एवं सामाजिक न्याय सामाजिक समरसता आदि के महत्व को आम जनता तक पहुंचाना चाहते थेI आज भी हम देखते हैं कि सामाजिक न्याय के लिए पत्रकारिता महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा हैI डॉ अंबेडकर मेमोरियल लेक्चर को संबोधित करते हुए पत्रकारिता विभाग के डॉ. अलीम अहमद खान ने कहा कि अगर आदमी की सोच सामाजिक हो जाए तो वह गांधी, अंबेडकर और डॉक्टर गौर बन सकता है जो अपने लिए जीते है उसे बहुत कम लोग याद करते हैं परंतु जो समाज के लिए जीते है उनको पूरा समाज याद करता है. भारत में ज्ञान और योग्यता से व्यक्ति महान बनता है इसलिए हम सबको महापुरुषों के बारे में पढ़ना चाहिएI कार्यक्रम का संचालन शोधार्थी छात्रा अनुष्का शर्मा ने एवं आभार प्रदर्शन सलोनी शर्मा द्वारा किया गयाI कार्यक्रम में पत्रकारिता विभाग के शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहेंI
