सागर। सागर में एक दैनिक समाचार के पत्रकार को जनहित से जुड़े मुद्दे पर वार्डवासियो को होने वाली समस्या पर वल्लभनगर वार्ड के पार्षद प्रतिनिधि का ध्यान केंद्रित कराते हुए फोन पर बात करना पार्षद प्रतिनिधि को इस कदर नागवार गुजरा कि उन्होंने पत्रकार को अपनी दंबगता दिखाई। पहले तो फोन पर डराया – धमकाया अप शब्दों का प्रयोग किया और फिर उनके घर पर अपनी पार्षद पत्नी एवं बच्चों के साथ मारपीट करने के इरादे के साथ पहुंचे। जहां पत्रकार को और उनके परिवार जनों को डराया धमकाया व अनुसूचित जाति जनजाति निवारण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने तक की धमकी दी डाली। इस दौरान वार्ड की काफी लोग एकत्रित हो गए जहां भीड़ ने मामले को रफा दफा करवाने के लिए पार्षद एवं पार्षद प्रतिनिधि एवं उनके गुर्गों को वहां से चलता किया। जहाँ पूरे मामले मे पीड़ित पत्रकार साथी के साथ हुए दुर्व्यवहार पर श्रमजीवी पत्रकार संघ के साथियों में खासा रोष देखा जा रहा है, और उन्होंने मामले में मोतीनगर थाना प्रभारी को एक आवेदन सौंप पीडित पत्रकार के साथ दुर्व्यवहार करने वाले भाजपा पार्षद प्रतिनिधि और पार्षद के पति नरेश धानक के खिलाफ करवाई की मांग उठाई है । और स्पष्ट चेतावनी दी। मामले में पुलिस प्रशासन यदि उचित करवाई नहीं करता है तो पत्रकार संघ के बैनर तलै आगे आंदोलन स्वरुप लडाई लड़ी जाऎगी। पत्रकारों के साथ आए दिन इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं।

इसको लेकर भी पत्रकारों में रोष देखा जा रहा है। जहाँ जनहित के मुद्दों पर जनप्रतिनिधि जिम्मेदार नुमाइंदों को आईना दिखाना अब सबसे बड़ा अपराध साबित हो रहा है। पीडित पत्रकार राजेश पाराशर की माने तो उन्होंने तो एक समस्या जिससे लोगों को असुविधा हो रही है, उस पर नरेश धानक जो की पार्षद प्रतिनिधि हैं, पूर्व में भी स्वयं भी भाजपा से पार्षद रह चुके हैं। वर्तमान में इनकी पत्नी श्रीमती रश्मि नरेश धानक वल्लभनगर वार्ड से भाजपा से पार्षद हैं, उन तक अपनी बात पहुँचाकर उसका समाधान हो, कोशिश की थी। जिस पर वह भड़क गये ओर उलटा सीधा सुना उन्हें गाली गलौच कर अपमानित किया। साथ ही जातिगत भेदभाव के झूठे मामले मे फंसा देने की धमकी भी दी है। जिसकी कॉल रिकार्डिंग भी है। जहां उनके द्वारा धमकी दी गई कि आपके साथ कोई भी अप्रिय घटना की जा सकती है। पत्रकार राजेश पाराशर के परिवार के लोग भी दहशत में है। इसके लिए पुलिस प्रशासन को शिकायत दर्ज कराते हुए उचित करवाई हो मांग रख न्याय मांग की है।