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सागर। डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के फार्मास्युटिकल साइंस विभाग के शोधार्थी प्रियांशु नेमा और एम.फार्मा की छात्रा शिफा खान ने अपने उत्कृष्ट शोध कार्यों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाया है।

शोधार्थी प्रियांशु नेमा को 20-21 दिसंबर 2024 को विजयवाड़ा, आंध्र प्रदेश में आयोजित “एपीपी 13वीं वार्षिक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन” में “सर्वश्रेष्ठ शोधार्थी पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उन्हें उनके शोध कार्य “पायरिमिडीन डेरिवेटिव्स पर व्यापक संगणकीय अध्ययन: जीपीआर119 एगोनिस्ट के रूप में एनआईडीडीएम के खिलाफ यौगिकों के विकास के लिए” प्रदान किया गया। प्रियांशु नेमा, देवरी, सागर, मध्य प्रदेश के निवासी हैं।

इसी सम्मेलन में एम.फार्मा की छात्रा शिफा खान को उनके शोध कार्य “थायोसेमिकारबाज़ोन इंडोल डेरिवेटिव्स पर व्यापक संगणकीय अध्ययन: कैंसर-रोधी यौगिकों के रूप में” के लिए “सर्वश्रेष्ठ छात्र पुरस्कार 2024” से सम्मानित किया गया।
दोनों विद्यार्थी मेडिसिनल कैमिस्ट्री में प्रो. सुशील कुमार काशव के मार्गदर्शन में शोध कर रहे हैं।
यह कार्यक्रम एपीपी मध्य प्रदेश राज्य शाखा और एपीपी ऑस्ट्रेलियन अंतरराष्ट्रीय शाखा के सहयोग से एपीपी मॉलफार्म डिवीजन और विजया इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज फॉर विमेन, विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश) के सहयोग में संपन्न हुआ।

छात्रों की इस उपलब्धि पर कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता, कुलाधिपति श्री के.एल. बेरवाल (आई.पी.एस.) और डॉ. मार्कंडेय राय (चेयरमैन, ग्लोबल पीस फाउंडेशन, इंडिया), विभागाध्यक्ष प्रो. उमेश कुमार पाटिल, सभी शिक्षकों, माता-पिता और भाई ने शुभकामनाएँ प्रेषित की।


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