गंगा
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सागर । स्मार्ट सिटी एवं नगर निगम द्वारा सागर की पहचान ऐतिहासिक लाखा बंजारा झील को स्वच्छ, सुंदर बनाए रखने एवं लोगों में झील को स्वच्छ रखने के लिए जन जागरुकता लाने के उद्देश्य से चकराघाट पर प्रारंभ की गई गंगा आरती का आयोजन सोमवार को चकराघाट के श्री विट्ठल मंदिर के पास विधायक शैलेंद्र जैन,नगर निगम अध्यक्ष वृंदावन अहिरवार,स्मार्ट सिटी लि.के सह कार्यकारी निदेशक एवं निगम आयुक्त राजकुमार खत्री, अंत्योदय समिति जिला अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चौबे, श्याम तिवारी, संदीप कुशवाहा पार्षदों एवं बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति में किया गया।

 इस अवसर पर विधायक शैलेंद्र जैन ने कहा कि लाखा बंजारा झील सागर की ऐतिहासिक विरासत है हमारी झील साफ-स्वच्छ व प्रदूषण मुक्त रहे, इसमें सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है। झील के किनारे सब ओर सुरम्य और एक स्वस्थ वातावरण में झील के नजारों, यहाँ के मंदिरों एवं सौन्दर्यीकरण को देखकर मन प्रफुल्लित हो जाता है। उन्होंने कहा कि झील के सभी घाटों पर सांस्कृतिक, धार्मिक आयोजन हो और नागरिकों का अधिक संख्या में झील और जलस्रोतों से धार्मिक, आध्यात्मिक और सामाजिक जुड़ाव हो। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम, स्वच्छ भारत मिशन, नमामि गंगे आदि अभियानों के माध्यम से साफ-सफाई और स्वच्छ, समृद्ध पर्यावरण हेतु नागरिकों को जागरूक किया जा रहा है। नागरिक जल, वायु और पृथ्वी जैसे जीवन के अभिन्न घटकों को साफ, स्वच्छ, सुरक्षित रखकर पर्यावरण के संरक्षण में सहयोगी बने, इस उद्देश्य के साथ ही प्रत्येक सप्ताह सोमवार को चकराघाट पर गंगा आरती का आयोजन सागर स्मार्ट सिटी एवं नगर निगम द्वारा किया जा रहा है तथा झील को जलकुंभी से मुक्त कर स्वच्छ बनाने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं । उन्होंने कहा कि गंगा आरती के भव्य आयोजन से नागरिकों में धार्मिक ,सांस्कृतिक उत्साह के साथ-साथ स्वच्छता के प्रति सकारात्मक परिवर्तन देखने मिल रहा है,। 

निगम अध्यक्ष वृंदावन अहिरवार ने कहा कि जल गंगा आरती के आयोजन में लगातार हो रही नागरिकों की सहभागिता और भक्ति भाव से इस आयोजन का वैभव और बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि झील को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने में सभी लोग बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी निभाएं

नगर निगम आयुक्त एवं स्मार्ट सिटी के सह कार्यकारी निदेशक राजकुमार खत्री ने कहा कि तालाब को स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त करने के लिए चकराघाट, बालभोले घाट एवं भट्टो घाट के पास बनी नाडेप पिट हौदियों में ही पूजन सामग्री फूल माला आदि सामग्री डालें, उसे तालाब में न डालें न ही दूसरों को डालने दें उन्हें रोकें -टोंके । प्रति सप्ताह अलग-अलग स्थानीय लोककलाकारों एवं अन्य कलाकारों को अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने हेतु एक समृद्ध मंच इस आयोजन के माध्यम से दिया जा रहा है। उन्होंने गंगा आरती में सम्मिलित सभी नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने में सहयोग करने की अपील की।

आयोजन स्थल चकराघाट को मनमोहक बनाया गया

जल गंगा आरती के लिए सारे घाट और छतरियों को आकर्षक लाइटिंग और साज सज्जा से मनमोहक बनाया गया। गंगा और नर्मदा आरती की तर्ज पर 11 बड़ी आरतियों की श्रंखला व्यवस्था बनाई गई। छतरियों पर रंगबिरंगी रोशनी जगमगा रही थी। झील में तैरती हुई विभिन्न नाव में से एक पर माँ गंगा की सुंदर मूर्ति विराजमान थी तो अन्य नावों में डमरूदल कलाकार और श्रद्धालुगण बैठे थे। झील में चलने वाले विशाल क्रूज पर भी बैठकर नागरिक गंगा आरती के रमणीक आयोजन में शामिल हुये। रमतूला ,ढपली दल ने अपनी लोककला का बेहतर प्रदर्शन करते हुये नागरिकों को अपनी ओर आकर्षित किया। आगामी सोमवार को गंगा आरती के अवसर पर जो भी व्यक्ति यजमान बनना चाहते हैं वे स्मार्ट सिटी में संपर्क कर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं ।


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