मतदान
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“चुनाव का पर्व- देश का गर्व लोकसभा निर्वाचन“

 
सागरI सागर लोकसभा के अंतर्गत आने वाले विधानसभा क्षेत्र बीना, खुरई, सागर, नरयावली, सुरखी के मतदान दलों का द्वितीय प्रशिक्षण  29 अप्रैल से 1 मई तक आयोजित किया जा रहा है ।  इस प्रशिक्षण में जिले में कुल 5604 शासकीय कर्मी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहें है । खुरई विधानसभा क्षेत्र का प्रशिक्षण शास. उत्कृष्ट उ. मा. विद्यालय, सागर में, बीना विधानसभा क्षेत्र का प्रशिक्षण जैन उ. मा. विद्यालय, सागर में, नरयावली विधानसभा क्षेत्र का प्रशिक्षण शास. पॉलीटेक्निक महाविद्यालय सागर में, सुरखी विधानसभा क्षेत्र का प्रशिक्षण शास. कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, सागर में व सागर विधानसभा क्षेत्र का प्रशिक्षण ज्ञानोदय उ. मा. विद्यालय, सागर में आयोजित किया जा रहा है । प्रशिक्षण में सामान्य  परिचयात्मक विवरण, मॉक पोल व मॉक पोल के पश्चात ईवीएम-व्हीव्हीपैट की सीलिंग, पीठासीन अधिकारी की निर्वाचन दिवस की रिपोर्ट, खराब यूनिट का बदलना, ई.व्ही.एम. दृव्हीव्हीपैट का परिचालन, विभिन्न प्रपत्रों का भरना आदि समझाया जा रहा है ।

कर्मचारी चुनाव की प्रक्रिया की बारीकियों को समझें-कलेक्टर

प्रशिक्षण केंद्रों का निरीक्षण कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी दीपक आर्य द्वारा किया गया। उन्होंने प्रशिक्षण केंद्रों के भ्रमण के दौरान प्रशिक्षणार्थियों का प्रोत्साहन करते हुए कहा कि कर्मचारी चुनाव की प्रक्रिया की बारीकियों को समझें। निर्वाचन संबंधी तमाम जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्ति के उपरांत व ईव्हीएम व्हीव्हीपैट में हैंड्स ऑन प्रेक्टिस कर ही प्रशिक्षण से जावें । इस प्रशिक्षण में समस्त प्रश्नों का समाधान कर लेवें । उन्‍होनें समस्त कर्मियों से अपील की कि वे अपने मताधिकार का उपयोग अवश्य करें व यदि उनकी ड्यूटी निर्वाचन में लग जाती है तो डाक मतपत्र सुविधा का लाभ अवश्य लेवें । जिला निर्वाचन अधिकारी श्री आर्य ने कहा कि हम सबने स्थानीय निर्वाचन एवं विधानसभा निर्वाचन सम्पन्न करवाये हैं। निर्वाचन करवाना एवं निर्वाचन प्रक्रिया का हिस्सा बनना शासकीय सेवक के कार्यकाल की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। मतदान केन्द्र का अनुभव हमेशा याद होता है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन के इस कार्य को आनंद के साथ करें, थकावट में भी ऊर्जा खोजें। पीठासीन की डायरी, मतपत्र लेखा एवं अन्य प्रपत्रों में भरी जाने वाली जानकारी का बार- बार अभ्यास करें। इससे मतदान केन्द्र पर हड़बड़ाहट और कोई गलती नहीं होगी।
उन्‍होनें कहा कि निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशो से भी मतदानकर्मी भली-भांति अवगत रहें। प्रशिक्षण में पीठासीन अधिकारीयों, मतदान अधिकारियों के कर्तव्यों के साथ-साथ मतदाता सूचना पर्ची के संबंध में विस्तार से बताया। मास्टर ट्रेनरों ने प्रशिक्षार्णियों को बताया कि मतदान केन्द्र बनाते समय इस बात को विशेष रूप से ध्यान रखना है कि मतदान की गोपनीयता बनी रहीं, दिव्यांग एवं बुजुर्ग मतदाताओं को आयोग द्वारा प्राप्त सुविधायें प्राप्त हो। मतदान दल का व्यवहार मधुर हो। निर्वाचन के दौरान विभिन्न प्ररुपों व प्रपत्रों की जानकारी देते हुए कहा कि प्रत्येक कार्य के लिए निर्धारित प्रपत्र है उनको विधिवत भरना अनिवार्य है जिससे निर्वाचन प्रक्रिया संदेह से परे रहें। इसके अलावा वे  ‘निर्वाचन कर्तव्य प्रमाणपत्र’ का भी उपयोग करने हेतु आवेदन करें । साथ ही यह भी जानें कि यदि कोई मतदान कर्मी मतदान केंद्र में  ‘निर्वाचन कर्तव्य प्रमाणपत्र’ के माध्यम से मत अंकित करना चाहे तो उसकी सम्पूर्ण प्रक्रिया क्या होगी ।

प्रत्येक प्रशिक्षण केंद्र पर फ़ैसिलिटेशन सेंटर की भी स्थापना की गई

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्रत्येक प्रशिक्षण केंद्र पर फ़ैसिलिटेशन सेंटर की भी स्थापना की गई है ।  प्रशिक्षण मे पीठासीन अधिकारीयों, मतदान अधिकारियों के कर्तव्यों के साथ-साथ मतदाता सूचना पर्ची के संबंध में विस्तार से बताया।  मास्टर ट्रेनरों ने प्रशिक्षार्णियों को बताया कि मतदान केन्द्र बनाते समय इस बात को विशेष रूप से ध्यान रखना है कि मतदान की गोपनीयता बनी रहे, दिव्यांग एवं बुजुर्ग निर्वाचकों को आयोग द्वारा प्राप्त सुविधायें प्राप्त हो। मतदान दल का व्यवहार मधुर हो। निर्वाचन के दौरान विभिन्न प्ररुपों व प्रपत्रों की जानकारी देते हुए कहा कि प्रत्येक कार्य के लिए निर्धारित प्रपत्र है उनको विधिवत भरना अनिवार्य है जिससे निर्वाचन प्रक्रिया संदेह से परे रहें।


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