सागरI सहोद्रा राय शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय सागर में संचालित राष्ट्रीय सेवा योजना (छात्र इकाई) के तत्वाधान में गोद ग्राम मेनपानी में चलाये जा रहे सात दिवसीय विशेष शिविर के पांचवे दिन दिनांक 17.03.2025 .को स्वयंसेवकों के विभिन्न दल और उनके दल प्रमुख बनाये गये,प्रत्येक दल को गांव की अलग- अलग दिशाओं में घर- घर भेज कर उनसे उनके परिवार सदस्यों के संबंध में, शिक्षा, रोजगार स्थिति, आय स्त्रोत, शासन द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी की स्थिति, इत्यादि बिंदुओं से परिपूर्ण ग्रामीण सर्वेक्षण का स्वनिर्मित प्रारूप भरवाया गया।
ग्रामीण सर्वेक्षण के बाद हाई टी ब्रेक किया गया। स्वयं सेवकों ने बाद व्यायाम के माध्यम से मनोरंजन विषय पर व्याख्यान और प्रस्तुतिकरण के लिए सर्टिफाएड योगा ट्रेनर और जुंबा प्रशिक्षक विशेषज्ञ आदित्य प्रजापति जी आये, जिनका स्वागत रोरी एवं एन. एस.एस. बैज लगाकर, और श्रीफल देकर किया गया। श्री प्रजापति ने बड़ी ही आसान व्यायाम मुद्राओं के द्वारा नृत्य कला की विधाओं को हिंदी गीतों की धुन के आधार पर पर पहले खुद करके दिखाया, फिर स्वयं सेवकों से इसका अभ्यास कराया। विद्यार्थियों ने बड़ी ही तंमयता और जोश के साथ यह व्यायाम आधारित जुंबा नृत्य के कुछ स्टेप्स सीखे। मध्यान भोजन के बाद रखे गए बौधिक सत्र में, सिविल लाइन थाना, जिला सागर से महिला सेल प्रभारी उप निरीक्षक मनीषा तिवारी मैडम अतिथि एवं विषय विशेषज्ञ के रूप में पधारीं। जिनका स्वागत स्वयं डॉ. मयंक कुमार रुसिया, कार्यक्रम अधिकारी ने श्रीफल देकर एवं एन.एस.एस.बैज लगाकर किया। उन्होंने बताया कि आज के दौर में महिला सशक्तिकरण केवल महिलाओं को उनके अधिकारों के बारे में जानकारी देने तक ही सीमित नहीं है बल्कि समाज की महिलाओं को सशक्त, आत्मनिर्भर बनाने, और महिला सुरक्षा के लिए महिलाओं से ज्यादा, आज के युवाओं खास तौर पर 15 से 22 वर्ष के युवा लड़कों को अपनी नैतिक जिम्मेदारी समझने और कानून के प्रावधानों के बारे में जानकारी लेने की आवश्यकता है।
आज के युवा अज्ञानता, उत्सुकता, और हार्माेनल परिवर्तन के कारण मानसिक स्थिति पर पढ़ने बाले दुष्प्रभाव के कारण ऐसे अपराधों में लिप्त हो जातें हैं, जिनके सख्त कानूनी प्रावधानों के कारण किसी युवा का जीवन बर्बाद हो सकता है। उन्होंने आज के युवाओं को ऐसे अपराधों से दूर रहने और अपने करियर पर फोकस करने को कहा। इसके कार्यक्रम के पश्चात पहाड़ी स्थित मंदिर का भ्रमण किया गया और मन्दिर परिसर में साफ सफाई की गयी। समस्त कार्यक्रमों के अंत में स्वयंसेवकों की नियमित उपस्थिति और अगामी कार्य योजना के क्रियांव्यन पर चर्चा की गयी।