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बायोकेमेस्ट्री, जेनेटिक्स और मॉलिक्यूलर बायोलॉजी रिसर्च में डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय की देश में 32वीं रैंकिंगनवाचारी शोध में देश भर के संस्थानों में टॉप 40 में

सागर। डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर को एक और उपलब्धि हासिल हुई है। विज्ञान विषयों में देश भर के संस्थानों में उत्कृष्ट रैंक हासिल हुई है। बायोकेमेस्ट्री, जेनेटिक्स और मॉलिक्यूलर बायोलॉजी के शोध में विश्वविद्यालय की देश भर में 32वीं रैंक है। वहीं केमेस्ट्री विषय के शोध में 33वीं रैंक है। नवाचारी शोध में ओवरऑल पर्सेंटाइल के साथ देश में 40 वाँ स्थान है। विश्वविद्यालय को यह रैंकिंग शिमागो इंस्टीट्यूशंस ऑफ रैंकिंग्स 2024 द्वारा किये गए सर्वेक्षण में हासिल हुआ है।

गौरतलब है कि शिमागो इंस्टीट्यूट ऑफ रैंकिंग्स रिसर्च, नवाचार और सामाजिक प्रभावशीलता जैसे तीन मानकों पर किसी भी संस्था की रैंकिंग का निर्धारण करती है। रिसर्च रैंकिंग में साइंटिफिक लीडरशिप, रिसर्च आउटपुट, उच्च गुणवत्तायुक्त पब्लिकेशन तथा इंटरनेशनल कोलैबोरेशन, प्रकाशित जर्नल जैसे मानकों को शामिल किया गया है। इनोवेशन में नावाचारी ज्ञान, पेटेंट और तकनीकी प्रभाव जैसे मानकों के जरिये रैंक का निर्धारण किया गया है।

विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने विश्वविद्यालय की इस उपलब्धि के लिए सभी शोधार्थियों, शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय शोध में नावाचारी गतिविधियों को बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। विश्वविद्यालय में 08 एडवांस रिसर्च सेंटर संचालित हैं जिनमें लगातार शोध चलते रहते हैं। नवीन इंटीग्रेटेड लैब बन जाने के बाद शोध गतिविधियों में और तेजी आएगी और हम अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगे। विभिन्न संस्थाओं के साथ हुए शोध एमओयू से भी आने वाले दिनों में हमें अच्छे परिणाम मिलेंगे। शोध एवं नवाचार में हमारा विश्वविद्यालय सर्वोत्कृष्ट होगा, ऐसा हमें दृढ़ विश्वास है।


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