भोपाल: मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान नरयावली विधानसभा क्षेत्र के विकास और जन-सुविधाओं का मुद्दा प्रमुखता से छाया रहा। क्षेत्र के वरिष्ठ विधायक इंजीनियर प्रदीप लारिया ने सदन में अपनी चिरपरिचित गंभीर और तार्किक शैली में लोक निर्माण तथा नगरीय विकास एवं आवास विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए। श्री लारिया ने न केवल मकरोनिया फ्लाईओवर की प्रगति पर जवाब मांगा, बल्कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी 2.0) और निराश्रित पशुओं की समस्या जैसे संवेदनशील विषयों पर सरकार का ध्यान आकृष्ट किया।
विधायक श्री लारिया ने राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 934 पर स्थित मकरोनिया चौराहे पर प्रस्तावित फ्लाईओवर के निर्माण को लेकर लोक निर्माण मंत्री से चर्चा के दौरान कहा कि मकरोनिया फ्लाईओवर के निर्माण के लिए डीपीआर की निविदा प्रक्रिया पूरी होना एक महत्वपूर्ण तकनीकी चरण है। अब यह परियोजना कागज से निकलकर धरातल पर उतरने की ओर बढ़ रही है। उन्होंने मंत्री महोदय से अनुरोध किया कि भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) से टेंडर प्रक्रिया को गति प्रदान कराते हुए शीघ्र तकनीकी स्वीकृति और प्रशासकीय मंजूरी कराकर वर्क टेंडर जारी करने का विनम्र अनुरोध किया।
विशेष रूप से, उन्होंने ‘वन टाइम इम्प्रूवमेंट योजना’ (OTI) के तहत इस परियोजना की स्वीकृति में राज्य सरकार से जनहित में इस परियोजना में पूर्ण सहयोग प्रदान कराने की प्रमुखता पर जोर दिया। श्री लारिया की इस सक्रियता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे मकरोनिया की यातायात समस्या के स्थायी समाधान के लिए दिल्ली से लेकर भोपाल तक निरंतर प्रयासरत हैं।
विधायक श्री लारिया ने ध्यानाकर्षण सूचना के माध्यम से कड़ान मध्यम सिंचाई परियोजना के पुनरीक्षित प्राक्कलन की प्रशासकीय स्वीकृति पर जल संसाधन मंत्री महोदय से जन उपयोगी सिंचाई परियोजना को साधिकार समिति द्वारा दिए गए निर्णय अनुसार पथरियाहाट के किसानों की डूब में आ रही भूमि के अधिग्रहण प्रस्ताव को सम्मिलित करते हुए पुनरीक्षित प्रशासकीय प्रस्ताव का पुनः तकनीकी परीक्षण की कार्यवाही कराकर स्वीकृत कराने का अनुरोध किया। सरकार ने माना कि यह परियोजना किसानों के हित में आवश्यक है। इसका कोई विकल्प नहीं है। शीघ्र ही इसका परीक्षण कराकर स्वीकृति प्रदान कराने के पक्ष में सहमति व्यक्त की।
नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत, श्री लारिया ने प्रधानमंत्री आवास योजना- शहरी 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत जानकारी मांगी। उन्होंने मकरोनिया नगरपालिका और कर्रापुर नगर परिषद का पक्ष रखते हुए पूछा कि AHP (भागीदारी में किफायती आवास) और ARH (किफायती किरायेदार आवास) के तहत अब तक क्या प्रगति हुई है?
भूमिहीन और किराये पर रहने वाले परिवारों के आवेदनों पर सरकार कब तक स्वीकृति प्रदान करेगी?
विधायक महोदय ने स्पष्ट किया कि विकास का लाभ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए, और इसमें किसी भी प्रकार का विलंब नहीं होना चाहिए।
विधायक श्री लारिया ने प्रश्नकाल के दौरान के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदय से नगर पालिका मकरोनिया वाटर सप्लाई के संबंध में चर्चा की। उन्होंने कहा कि मकरोनिया को 13 एमएलटी सप्लाई की आवश्यकता है किंतु 8-9
एमएलटी उपलब्ध कराया जा रहा है। जब गर्मियों में वाटर सप्लाई की सबसे ज्यादा आवश्यकता होती है तो उसमें भी कटौती की जाती है। मकरोनिया की अवैध कॉलोनी में पाइप लाइन का विस्तार किया गया है इसका परीक्षण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि 1000 लीटर वाटर सप्लाई पर 15 रू.की शुल्क लिया जा रहा है जबकि उस पर होने वाला व्यय 8 से 9 रू.होता है। प्रेशर बाल्व नहीं लगायें गये है।
विधायक श्री लारिया ने अशासकीय संकल्प के माध्यम से गाड़ी संख्या 22181/ 22182 गोंडवाना सुपरफास्ट एवं कामायनी एक्सप्रेस 11071 /11072 के मकरोनिया स्टेशन पर स्टॉपेज की मांग रखी।
नरयावली क्षेत्र की कनेक्टिविटी को लेकर भी इंजीनियर लारिया ने विभाग को तत्पर रहने का अनुरोध किया। उन्होंने सानौधा से सिमरिया (मझगुंवा) मार्ग का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि जब इसे बजट 2024-25 में सम्मिलित किया जा चुका है, तो इसकी प्रशासकीय स्वीकृति में विलंब क्यों हो रहा है? उन्होंने क्षेत्र के अन्य नवीन मार्गों के प्राक्कलनों की वर्तमान स्थिति पर भी जवाब तलब किया।
सड़कों पर निराश्रित पशुओं और आवारा कुत्तों के विचरण से होने वाली जनहानि और असुविधा पर श्री लारिया ने गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या मकरोनिया और कर्रापुर के लिए इस संबंध में कोई विशेष कार्य योजना या कांजी हाउस/शेल्टर होम के प्रस्ताव विचाराधीन हैं? उनका यह प्रश्न शहरी प्रबंधन के प्रति उनकी सूक्ष्म दृष्टि को दर्शाता है।