भारतीय ज्ञान परम्परा
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ज्योति शर्मा/सागर। डॉ हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर में वैदिक अध्ययन विभाग के अंतर्गत भारतीय ज्ञान परम्परा में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रवेश पोर्टल प्रारम्भ कर दिया गया है। इस पाठ्यक्रम में स्नातक उत्तीर्ण छात्र बिना सी. यू. ई. टी. परीक्षा के भी प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं। विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रो. नीलिमा गुप्ता ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अन्तर्गत भारतीय ज्ञान परम्परा, अंतरवैषयिक अध्ययन एवं वैदिक ज्ञान के वैज्ञानिक आयाम को बढ़ावा देने एवं राष्ट्रव्यापी प्रचार की दृष्टि से इस पाठ्यक्रम का शुभारंभ किया। भारतीय ज्ञान परम्परा से स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम करने के पश्चात छात्र भारतीय ज्ञान परम्परा , वैदिक अध्ययन एवं हिंदू अध्ययन विषयों में पी. एच. डी. कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के द्वारा शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूजीसी नेट परीक्षा) में भी भारतीय ज्ञान परम्परा को एक विषय के रूप में शामिल किया गया था, अतः स्नातकोत्तर के बाद छात्र शिक्षक पात्रता परीक्षा की तैयारी भी कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त सरकारी एवं निजी कंपनियों में जहां स्नातकोत्तर न्यूनतम अर्हता है वहां भी अन्य विषयों में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त अभ्यर्थियों की तरह आवेदन कर सकते हैं। 
कुलगुरू प्रो. नीलिमा गुप्ता ने बताया कि पूरे देश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अन्तर्गत विभिन्न विश्वविद्यालयों में हिंदू अध्ययन, वैदिक अध्ययन, भारतीय ज्ञान परम्परा के नवीन विभागों की स्थापना की जा रही है। इस दृष्टि से आगामी समय में इन विषयों के अध्यापन हेतु अनेक प्राध्यापकों की आवश्यकता होगी, ऐसे में विश्वविद्यालय इस विषय के विशेषज्ञ तैयार करके ऐसे प्राध्यापकों की आपूर्ति हेतु दृढसंकल्पित है। प्रारम्भिक वर्ष में इस पाठ्यक्रम के लिए 20 सीटों का निर्धारण किया गया है। प्रवेश प्रक्रिया में नियमानुसार आरक्षण प्रावधानों को लागू करते हुए प्रवेश दिया जाएगा। इस पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु विश्वविद्यालय के प्रवेश पोर्टल में पंजीकरण आवश्यक है। पंजीकरण का लिंक दिनांक 25 सितम्बर से 6 अक्टूबर तक खुला रहेगा। जिन छात्रों ने स्नातक स्तर पर 55% या अधिक अंक प्राप्त किए हैं, वे चाहें किसी भी विषय से स्नातक उत्तीर्ण हों। योग्यता से सम्बन्धित विस्तृत जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध है।विश्वविद्यालय की एडमिशन समिति के अध्यक्ष एवं वैदिक अध्ययन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. दिवाकर शुक्ल ने जानकारी दी कि कुलगुरु प्रो. नीलिमा गुप्ता जी के मार्गदर्शन में वैदिक अध्ययन विभाग का पिछले वर्ष ही प्रारम्भ हुआ इस विभाग में बी. ए(ऑनर्स) वैदिक अध्ययन, पी. एच. डी. वैदिक अध्ययन पाठ्यक्रम पहले से ही संचालित हो रहे हैं। भारतीय ज्ञान परम्परा में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रारम्भ होने से नवीन विभाग पूर्णता को प्राप्त होगा।


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