सागर। डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के दर्शनशास्त्र विभाग में योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा के द्वारा स्वास्थ्य पर कार्यशाला आयोजित की गई. कार्यशाला में डॉ. सत्यनारायण यादव, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा विशेषज्ञ, अर्चना योगायतन, नई दिल्ली, ने जीवनशैली को सुधारने के लिए योग व नैचुरोपैथी के लाभ बताए. उनके अनुसार भोजन प्राकृतिक, स्थानीय, मौसमी एवं ताजा होना चाहिए. हमें मौसम एवं स्वभाव के अनुरूप युक्ताहार लेना चाहिए।

अनुशासित व्यक्ति, योगी या साधक को शुद्ध एवं सुपाच्य भोजन शुद्ध विचारपूर्वक एवं शुद्ध जगह पर लेना चाहिए. जैसा काम करते हैं उसके अनुरूप खाना चाहिए. उन्होंने योग व शारीरिक व्यायाम में अन्तर बताते हुए कहा कि योग में स्थिरता व आध्यात्मिकता होती है परन्तु व्यायाम पूरी तरह शारीरिक होता है. उन्होंने तीन एच हेल्थ, हैप्पीनेस एवं हॉरमनी पर जोर दिया. उनके अनुसार कृषि विद्या व ऋषि विद्या को बढ़ावा देने से देश का विकास होगा. कार्यक्रम में विभाग के शिक्षक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।