तम्बाकू
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सागर| विश्व तम्बाकू निषेध कार्यक्रम के तहत “बच्चों को तम्बाकू उद्योग के हस्तक्षेप से बचाना“ की थीम पर जिला चिकित्सालय परिषर में डॉ. ज्योति चौहान क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवायें द्वारा जन-जागरूकता रैली को झंडी दिखाकर रवाना किया। इस रैली में डॉ. आर. एस. जयंत सिविल सर्जन, डॉ. अभिषेक ठाकुर आरएमओ, डॉ. मधु जैन शिशुरोग विषेशज्ञ, डॉ. संजय राधव, डॉ. ब्रजेश यादव, डॉ. जितेन्द्र सराफ, जाली शाबू डीपीएचएनओ, नर्सिंग आफीसर, सिस्टर टूयटर, बीएमएसी की प्रशिक्षु नर्सिंग छात्रायें, एमपीडब्ल्यू प्रशिक्षु, शहरी आशा कार्यकर्ता, चिकित्सक एवं स्टाफ सम्मिलित रहे।
डॉ. ज्योति चौहान ने बताया कि गर्भवती महिला के आसपास धूम्रपान होने से महिला के साथ गर्भ में पल रहे शिशु को सिगरेट का धुंआ जानलेवा हो सकता हैं बच्चें को कुपोषित कर सकता हैं। डॉ. आर.एस. जयंत ने बताया कि तम्बाकू के सेवन से विभिन्न बीमारियों जैसे-कैंसर, टीबी, और स्वास संबंधी बीमारियों को आमंत्रण देता हैं। परिवार के साथ-साथ आपने आसपास के लोगों को नुकसान पहुँचाता है। डॉ. धर्मेन्द्र कनोजिया तम्बाकू नियत्रण कार्यकम नोडल अधिकारी ने बताया कि बच्चे तम्बाकू के प्रति भ्रामक एवं आकर्षित प्रचार-विज्ञापन, रोल मार्डेल, सेलिब्रिट से प्रेरित होकर आकर्षित होते हैं इस की रोकथाम करना हैं और किशोर-किशोरियों और युवाओं को तम्बाकू के सेवन से रोकने और इससे होने वाले दूष्प्रभाव के प्रति जागरूक करना अनिवार्य हो गया हैं। 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को एवं उनके द्वारा तम्बाकू उत्पादो को बेचना एवं शैक्षणिक संस्थाओ के 100 गज के दायरे में बेचना दोनों ही प्रतिबंधित किये गये हैं।
डॉ. ममता तिमोरी ने कार्यालय के अधिकारी,कर्मचारियों को तम्बाकू से निर्मित उत्पाद के सेवन न करने की शपथ दिलाई और बताया कि कार्यालय में कार्यरत स्टॉफ यदि तम्बाकू खाता पाया गया तो 200 रू.का जुर्माना किया जावेगा। साथ ही अन्य को भी तम्बाकू के सेवन न करने हेतु प्रेरित करें। महिलाओं के तम्बाकू खाने को भी रोकने हेतु कहा गया ताकि परिवार पर इसका दुष्प्रभाव न पड़े ।


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