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सागरI भारत निर्वाचन आयोग की लोकसभा निर्वाचन-2024 की घोषणा के साथ ही जिला सागर में आदर्श आचरण संहिता लागू हो गई थी। 4 जून 2024 को मतगणना के दौरान तथा मतगणना उपरांत निर्वाचन के परिणाम की घोषणा के बाद से विभिन्न राजनैतिक दलों/विजयी अभ्यर्थियों/ उनके समर्थकों एवं व्यक्तियों द्वारा रैली, जुलूस एवं सभाएं आयोजित की जा सकती है, इस दौरान बिना अनुमति रैली, जुलूस, आमसभा, ध्वनि विस्तारक यंत्रों के अनियंत्रित प्रयोग, हथियारों के प्रदर्शन, जन समूह के मध्य विभिन्न साधनों से उत्तेजित वक्तव्यों का प्रसारण, आतिशबाजी का अनियंत्रित प्रयोग किया जा सकता है जिससे जन आक्रोश उत्पन्न होकर कानून व्यवस्था की विपरीत स्थिति निर्मित होने की आशंका है जो शांति व्यवस्था बनाए रखने में बाधक होगी। सागर जिले में सुरक्षा, लोक शांति एवं कानून व्यवस्था बनाये रखने हेतु दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा-144 (1) के तहत् निषेधाज्ञा आदेश लागू किया जाना आवश्यक है।

 लोकसभा निर्वाचन 2024 की मतगणना प्रक्रिया को व्यवस्थित, स्वतंत्र, निष्पक्ष, निर्विधन रूप से सम्पन्न करने एवं निर्वाचन की घोषणा उपरांत कानून व्यवस्था बनाए रखने, मानव जीवन की सुरक्षा, लोक शांति बनाए रखने हेतु कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी दीपक आर्य भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों एवं दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा-144 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए सम्पूर्ण जिला सागर क्षेत्र में निम्नानुसार प्रतिबंधात्मक आदेश किया है।

सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना एक स्थान पर एक समय में 5 से अधिक व्यक्ति एकत्रित नहीं होंगे। किसी भी राजनैतिक दलों / विजयी अभ्यर्थियों / उनके समर्थकों, व्यक्तियों, समूह एवं संस्था द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रकार के धारदार या अन्य हथियार, आग्नेय शस्त्र, हॉकी, डण्डा, रॉड इत्यादि लेकर नहीं चलेगा अथवा दुरूपयोग नहीं करेगा और न ही प्रदर्शन करेगा। किसी भी प्रकार के उत्सव व समारोह में हवाई फायर वर्जित रहेगी। किसी भी राजनैतिक दलों/विजयी अभ्यर्थियों / उनके समर्थकों, व्यक्तियों, समूह एवं संस्था द्वारा सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना किसी भी स्थान पर सभा/धरना प्रदर्शन, जुलूस, वाहन/साधारण रैली का आयोजन नहीं करेगा। शासकीय/अशासकीय स्कूल मैदान भवन, शासकीय कार्यालय के परिसर पर किसी भी प्रकार की राजनैतिक गतिविधि पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी।

किसी भी राजनैतिक दलों/विजयी अभ्यर्थियों/ उनके समर्थकों, व्यक्तियों, समूह एवं संस्था द्वारा संस्था, समूह या अन्य डी.जे. अथवा बैण्ड का संचालन सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना बैण्ड/डीजे/ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग नहीं करेगा। प्रत्येक को म.प्र. कोलाहल नियंत्रण अधिनियम एवं ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) (संशोधन) नियम 2010 के प्रावधानों का पूर्ण पालन करना आवश्यक होगा। उक्त आदेश जन साधारण पर लागू है तथा परिस्थितिवश इतना समय उपलब्ध नहीं है कि जन सामान्य पर उक्त सूचना की तामिली की जा सके। उक्त आदेश दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 144 (2) के अन्तर्गत एक पक्षीय पारित किया गया है। अत्यन्त विशेष परिस्थितियों में अधोहस्ताक्षरकर्ता संतुष्ट होने पर आवेदक को किसी भी लागू प्रतिबन्ध से छूट दे सकेगा। यदि कोई व्यक्ति उपर्युक्त प्रतिबन्धात्मक आदेश का उल्लंघन करेगा तो वह भारतीय दण्ड संहिता के प्रावधानों के तहत अभियोजित किया जावेगा।    


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