दोषी
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सागर I जिला न्यायालय सागर में प्रथम जिला न्यायाधीश के तृतीय अतिरिक्त न्यायाधीश माननीय दिनेश सिंह राणा के न्यायालय द्वारा धारा 376 (2n) तथा 417 भारतीय दंड संहिता के दोषी को दंडित करके आज केंद्रीय जेल सागर भेजा गया I
शासन की ओर से पैरवी कर रहे हैं अपर लोक अभियोजक दीपक पौराणिक ने बताया कि इस प्रकरण में धारा 376 2n में 10 वर्ष का कारावास तथा 417 में 2 वर्ष का कारावास तथा दोनों धाराओं में 50000 तथा ₹5000 कुल पचपन हज़ार रुपये 55000 जुर्माना और 10 तथा 2 वर्ष कारावास की सजा सुनाई गई है तथा दोनों दंड साथ भुगतने का आदेश दिया गया I

अभियुक्त संदीप ठाकुर पिता उत्तम सिंह जो अपराध के समय mbbs छात्र था अब डॉक्टर है इसने अभियोयत्री/फरियादिया के साथ बार-बार बलात्कार किया गया और शादी का झांसा देकर लगातार यह कृत्य करता रहा Iअभियुक्त की बहन और फरियादिया दोनों एक ही साथ गर्ल्स डिग्री कॉलेज में पड़ती थी जहाँ से इसकी पहचान हुई फिर धीरे-धीरे अभियुक्त ने फेसबुक के माध्यम से फरियादियां के साथ में प्रेम संबंध बनाए और शादी का झांसा देकर लगातार 2016 से 2021 तक उसका बलात्कार किया सबसे पहले अभियुक्त संदीप ने मकरोनिया स्थित अपने दोस्त के निवास पर ले गया जहां उसके साथ में शारीरिक संबंध बनाए और फिर गोपालगंज स्थित अभियोत्रीत् / फरियादिया के किराए के मकान में ,मकरोनिया के अभियुक्त के निवास में तथा इंदौर ले जाकर उसके साथ में शारीरिक संबंध बनाए जाते रहे I इस दौरान अभियुक्त द्वारा ₹100 के स्टाम्प पर एक विवाह नाम लिखाया गया I शादी का झांसा लेकर लगातार अभियुक्ति ने शारीरिक संबंध बनाने और बाद में स्पष्ट रूप में शादी से मना कर देने के बाद अभियोक्त्री/ फरियादिया द्वारा महिला थाने में मामला दर्ज कराया गया I महिला अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया और शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक ने अपना पक्ष रखा साक्ष्य प्रस्तुत किए गए जिस आधार पर अभियुक्त संदीप सिंह ठाकुर को दोषी पाते हुए केंद्रीय जेल सागर भेज दिया गया।
शासन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक दीपक पौराणिक ने की तथा न्यायालय में सहायता आरक्षक पुष्पेंद्र सिंह राजपूत ने की।


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