मालथौन। कोई भी व्यक्ति अपने अंकों से महान नहीं बनता, बल्कि अपने विचारों से महान बनता है। आज के युवाओं को उसी क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए, जिसमें उनकी वास्तविक रुचि हो। जब व्यक्ति अपने पसंदीदा क्षेत्र में आगे बढ़ता है, तो हार का भय स्वतः समाप्त हो जाता है। जीत वही प्राप्त करता है जो डर को हरा देता है और भय पर विजय प्राप्त करता है। मनुष्य वही है जो जूझे, हर परिस्थिति में लड़े एक सपना टूटे तो दूसरा गड़े। यह उद्गार शासकीय हाई स्कूल उजनेठ में विकास कार्यो का भूमिपूजन व साईकिल वितरण तथा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रोंडा में निःशुल्क साइकिल वितरण कार्यक्रम में युवा भाजपा नेता अविराज सिंह ने व्यक्त किए।
कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह समय आपके जीवन का ऐसा चरण है, जब आपके ऊपर किसी प्रकार का पारिवारिक या आर्थिक दबाव नहीं होता। यह समय स्वयं को पहचानने और अपनी रुचियों को समझने का है। उन्होंने कहा कि शासकीय हाईस्कूल उजनेठ में विकास कार्यों के भूमिपूजन एवं निःशुल्क साइकिल वितरण कार्यक्रम का आयोजन विद्यार्थियों के भविष्य को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। युवा नेता अविराज सिंह ने कहा कि शिक्षा के साथ‑साथ सुविधाएं भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका निभाती हैं।
उन्होंने कहा कि स्कूल से लौटने के बाद जो खाली समय मिलता है, उसका सदुपयोग करें। किसी को क्रिकेट पसंद है, किसी को फुटबॉल, हॉकी, गायन, चित्रकला या अन्य कोई कला। जिस क्षेत्र में आपकी रुचि हो, उसी में समय दें। इससे तनाव कम होगा और आप कुछ नया सीख पाएंगे। धीरे‑धीरे आपको यह स्पष्ट हो जाएगा कि आपका मुख्य लक्ष्य और रुचि किस क्षेत्र में है। उन्होंने कहा कि शिक्षित होना केवल स्कूल या कॉलेज जाना नहीं है और न ही केवल मार्कशीट या डिग्री प्राप्त करना ही शिक्षा है। शिक्षा की परिभाषा इससे कहीं अधिक व्यापक है। शिक्षा हमें जीवन के संघर्षों के लिए तैयार करती है, सही और गलत में अंतर करना सिखाती है और समस्याओं का समाधान ढूंढने की क्षमता देती है।
अविराज सिंह ने कहा कि स्कूल में ही हम सीखते हैं कि माता‑पिता, गुरुजनों और मित्रों से कैसे व्यवहार करना चाहिए। स्कूल हमारे व्यक्तित्व का निर्माण करता है, आत्मविश्वास पैदा करता है और नई सोच विकसित करता है। इसलिए स्कूल जीवन को केवल अंकों तक सीमित न करें। स्कूल का जीवन बहुत लंबा और महत्वपूर्ण होता है।
अविराज सिंह ने कहा कि जीवन में चुनौतियां आएंगी, असफलताएं भी मिलेंगी। कुछ दिन अच्छे होंगे तो कुछ दिन कठिन। लेकिन यह हमेशा याद रखें कि असफलता ही सफलता की पहली सीढ़ी होती है। असफलता हमें नई दिशा देती है और सफलता के नए द्वार खोलती है। हमें हमेशा अपनी कमियों पर ध्यान देना चाहिए और रोज स्वयं का आकलन करना चाहिए। यही सफलता का मूल मंत्र है। कभी यह न सोचें कि आप कुछ नहीं कर सकते। आप अनंत संभावनाओं से भरे हुए हैं और कुछ भी कर सकते हैं। महात्मा गांधी जी ने कहा था कि भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि हम आज क्या कर रहे हैं।
अविराज सिंह ने कहा कि यदि आप एक बार यह ठान लेते हैं कि आप अपना लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं, तो आधा लक्ष्य वहीं पूरा हो जाता है। युवा शक्ति साहस, ऊर्जा, उत्साह और जोश का भंडार होती है। वर्तमान समय की एक बड़ी समस्या मोबाइल फोन का गलत उपयोग है। मोबाइल का उपयोग गलत नहीं है, लेकिन उसका अत्यधिक और अनियंत्रित उपयोग नुकसानदायक है। मोबाइल से सीखें, ज्ञान अर्जित करें, लेकिन जीवन को केवल मोबाइल तक सीमित न करें।
उन्होंने कहा कि नशा आज समाज और युवाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है। दिल्ली एम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार 10 से 17 वर्ष की आयु के करोड़ों बच्चे कोकीन, गांजा, अफीम और शराब जैसी नशीली वस्तुओं का सेवन कर रहे हैं। 21 वर्ष से कम आयु के लगभग 60 प्रतिशत युवा नशे की चपेट में हैं। नशा व्यक्ति के चरित्र को कमजोर करता है, नैतिक पतन लाता है, प्रतिभा और ज्ञान को नष्ट करता है तथा पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। वर्ष 2047 तक, जब भारत की आजादी के 100 वर्ष पूर्ण होंगे, तब तक एक नशामुक्त भारतीय युवा का निर्माण करना हम सभी की जिम्मेदारी है। इसके लिए इसे जन आंदोलन का रूप देना होगा। उन्होंने कहा कि सही मित्र वही होता है जो आपको सही रास्ते पर ले जाए, क्योंकि जैसी संगत होती है, वैसा ही व्यक्ति बनता है।
कार्यक्रम में खुमान सिंह रघुवंशी, हम्मीर सिंह विकास खंड अधिकारी, मनोहर लाल कुशवाहा, राजपाल सिंह धनौरा मंडल अध्यक्ष, दीपक रघुवंशी, वीरसिंह प्रजापति, भरतलाल यादव बीएलए उपसरपंच, वीरसिंह लोधी, लालसिंह सरपंच, राजकुमार रैकवार, पुष्पेंद्र चढ़ार, नीलेश सेन, सरदार सिंह राजपूत, सुरेंद्र सिंह ठाकुर, देवीसिंह ठाकुर पथरिया, अक्षय जैन, गजेंद्र सिंह, राजकुमार सिंह गढ़ोली सरपंच, जमना प्रसाद जनपद अध्यक्ष खुरई, शैलेंद्र सिंह, सुरेश अहिरवार, मनीराम, छोटेराजा बंगेला, गजेंद्र सिंह तुर्काई, इमरत सिंह, भगत सिंह, नरेश सिंह, पुजाराम सरपंच बंगेला, अविराज, संजय मोदी, हम्मीर सिंह ठाकुर, मनीराम लोधी, देवेंद्र यादव, प्रदीप यादव, रामचरण जाटव, नीतेश यादव, बलबीर सिंह, सुरेंद्र बघेल, तोरण सिंह, चुन्नीलाल कुशवाहा, प्राणसिंह, कल्याण सिंह, उत्तम सिंह, निरंजन सिंह, ताहर यादव, पूजाराम यादव, उमेश अहिरवार, राजकुमार अहिरवार, सौरभ साहू, गजेंद्र सिंह बुंदेला सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।