इन्वेस्टर मीट में अनुबंध उद्योगपतियों को समय सीमा में अनुमतियां प्रदान करें-संभाग कमिश्नर सुचारी
सागर । सभी पेंशन प्रकरणों को संवेदनशीलता के साथ समय सीमा में निराकरण करें, इन्वेस्टर मीट में अनुबंध उद्योगपतियों को समय सीमा में अनुमतियां प्रदान करें । उक्त निर्देश संभाग कमिश्नर श्री अनिल सुचारी ने मासिक समीक्षा बैठक में दिए। इस अवसर पर जॉइंट कमिश्नर श्री राजेश शुक्ला, श्रीमती हेमलता पटेल, श्री प्रमोद उपाध्याय, श्री कमलेश सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
संभाग कमिश्नर श्री अनिल सुचारी ने मासिक समीक्षा बैठक में निर्देश दिए की रीजनल इन्वेस्टर मीट में अनुबंध किए गए समस्त उद्योगपतियों को सभी अनुमति में समय सीमा में प्रदान करें एवं उनके साथ समय-समय पर पत्राचार एवं बैठक आयोजित कर कार्य में प्रगति लाएं उन्होंने कहा कि उद्योग विभाग दिए गए लक्ष्य को 100% पूरा करें।
मासिक समीक्षा में MSME विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजनना में संभाग द्वारा लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है किन्तु छतरपुर तथा दमोह द्वारा 90%लक्ष्य किया गया है उन्हें 15दिवस में लक्ष्य प्राप्ति के लिए निर्देशित किया गया। रीजनल इंडस्ट्री कांन्क्लेव सागर तथा ग्लोबल इन्वेस्टर समिट भोपाल में प्राप्त निवेश प्रस्तावों में से अधिकतर निवेश प्रस्तावों में कार्य प्रगति पर है तथा जिन प्रस्तावों में अभी तक निवेश आरम्भ नहीं हुआ है उन प्रस्तावित निवेशकों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओ का निराकरण कर शीघ्र निवेश आरम्भ करने हेतु प्रेरित करने हेतु निर्देशित किया। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना में भी संभाग के समस्त ज़िलों को अधिक से अधिक प्रगति लाने के लिए निर्देशित किया गया, विशेषकर दमोह तथा पन्ना ज़िलों को। तथा DLCC की नियमित बैठके नियमित रूप से आयोजित करने हेतु भी निर्देशित गया।
संभाग कमिश्नर श्री अनिल सुचारी ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में पेंशन प्रकरणों को लंबित नहीं रहना चाहिए सभी पेंशन प्रकरणों को संवेदनशीलता के साथ समय सीमा में निराकृत करें उन्होंने समस्त विभाग अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि जो शासकीय सेवक सेवा निवृत्त हो रहे हैं उनके सभी आर्थिक देयको की जानकारी पूर्व से ही प्रस्तुत करें जिससे कि उनको सेवानिवृत्ति के दिन ही सभी प्रकार की देयको का भुगतान किया जा सके उन्होंने कहा कि पेंशन प्रकरणों का लंबित रहना गंभीर अनियमितता है। उन्होंने कहा कि जो विभाग अध्यक्ष समय सीमा में जानकारी प्रदान नहीं करता है उन पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जावे।