सागर I बीएमसी के पीआईसीयू में हुई घटना की जांच के लिए डीन डॉ. पी. एस. ठाकुर ने तीन सदस्यीय समिति गठित कर तीन दिवस में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। समिति में डॉ. प्रवीण खरे, प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष, नेत्र रोग विभाग – अध्यक्ष, डॉ. मो. इल्यास, सहप्राध्यापक, एनेस्थिशिया विभाग – सदस्य एवं डॉ. अजित आनंद असाटी, सहायक प्राध्यापक, शिशु रोग विभाग – सदस्य हैं। समिति को घटना की जांच करने और तीन दिवस के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैंI
यह था मामला
सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) में इलाज के दौरान डेढ़ साल की बच्ची की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। पिता का दावा है कि बच्ची के पास ब्लोअर हीटर चालू था, जिससे उसका पैर झुलस गया और उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद परिजनों ने विरोध जताया, जिसके चलते पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें समझाइश देकर शांत कराया। पुलिस ने बच्ची के शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम कराया।
मृतका बच्ची के पिता अरुण अहिरवार निवासी सानौधा ने बताया कि उन्होंने 19 मार्च को अपनी डेढ़ साल की बेटी को निमोनिया की शिकायत पर बीएमसी में भर्ती कराया था। बच्ची का इलाज पीआईसीयू में चल रहा था। रविवार सुबह पिता जब बेटी से मिलने पहुंचे तो सब कुछ सामान्य था।
परिजनों के अनुसार, वार्ड में मौजूद स्टाफ ने बच्ची के पास ब्लोअर लगा दिया था, जिसकी जानकारी परिजनों को नहीं दी गई। हीटर की गर्मी से बच्ची का पैर झुलस गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
बच्ची की मौत के बाद परिजनों ने जब लापरवाही का विरोध किया, तो अस्पताल के गार्डों ने उनके साथ अभद्रता की। इस पर परिजनों ने आक्रोश जताया और हंगामा किया। मामला सामने आते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने बच्ची का पोस्टमार्टम डॉक्टर की पैनल से कराया है।