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बच्चों का बेहतर पोषण ही राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की नींव : सविता सिंह राजपूत

राहतगढ़। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के अंतर्गत राहतगढ़ में आयोजित कुकिंग प्रतियोगिता में लगभग 60 महिला रसोइयों ने अपने पाक-कौशल का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की धर्मपत्नी एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सविता सिंह राजपूत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने प्रतियोगिता का अवलोकन कर प्रतिभागी महिलाओं का उत्साहवर्धन किया तथा बच्चों के बेहतर पोषण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

इस अवसर पर सविता सिंह राजपूत ने कहा कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में गरीब, किसान, महिला, युवा और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना भी इसी दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जिसके माध्यम से विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। स्वस्थ बच्चे ही विकसित भारत की मजबूत नींव हैं।”

उन्होंने कहा कि “मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी रूप से धरातल पर उतार रही है। प्रदेश में बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे नई पीढ़ी को बेहतर अवसर और उज्ज्वल भविष्य मिल सके।”

उन्होंने कहा कि विद्यालयों में तैयार होने वाले भोजन की गुणवत्ता बच्चों के स्वास्थ्य से सीधे जुड़ी होती है। ऐसे में रसोइयों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। कुकिंग प्रतियोगिता जैसे आयोजनों से महिलाओं को अपने कौशल का प्रदर्शन करने का अवसर मिलता है और बच्चों को बेहतर, स्वादिष्ट एवं पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराने की नई प्रेरणा मिलती है।

उन्होंने कहा कि आप के मंत्री खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत द्वारा सुरखी विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, सिंचाई और जनकल्याण से जुड़े अनेक विकास कार्य निरंतर कराए जा रहे हैं। क्षेत्र के प्रत्येक गांव तक विकास की रोशनी पहुंचाने और आमजन को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए वे लगातार प्रयासरत हैं। सुरखी विधानसभा में विकास और जनसेवा का जो अभियान चल रहा है, वह क्षेत्र के समग्र विकास की नई पहचान बन रहा है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के माध्यम से स्थानीय स्तर पर उपलब्ध अनाज, दाल, सब्जियों एवं मोटे अनाजों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे बच्चों को ताजा एवं पौष्टिक भोजन मिलता है और स्थानीय किसानों को भी लाभ पहुंचता है। उन्होंने महिलाओं से आग्रह किया कि वे पारंपरिक एवं पौष्टिक व्यंजनों को विद्यालयी भोजन में शामिल करने के लिए निरंतर नवाचार करें।

पोषण, स्वाद और स्वच्छता पर रहा विशेष फोकस

प्रतियोगिता में प्रतिभागी महिला रसोइयों ने दाल, हरी सब्जियों, बाजरा, दलहन, खिचड़ी, पौष्टिक पुलाव तथा अन्य स्थानीय खाद्य सामग्री से तैयार व्यंजन प्रस्तुत किए। भोजन का मूल्यांकन पोषण मूल्य, स्वाद, स्वच्छता, प्रस्तुतीकरण एवं स्थानीय खाद्य सामग्री के उपयोग जैसे मानकों पर किया गया। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को बच्चों की आयु और पोषण आवश्यकताओं के अनुरूप संतुलित भोजन तैयार करने के संबंध में मार्गदर्शन भी दिया।


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